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Experience the soulful magic of Ghulam Ali’s iconic ghazal “Apni Dhun Mein Rehta Hoon” from Live in India Vol. 2. This live performance beautifully showcases his unmatched vocal mastery, emotional depth, and timeless artistry. Known for his intricate delivery and poetic expression, Ghulam Ali brings a captivating charm to every verse, making this ghazal a cherished piece for listeners across generations. Credits: Singer: Ghulam Ali Music: Ghulam Ali Lyrics: Ghulam Ali Movie/Album: Live In India Vol. 2 Label: Universal Music India Lyrics: अपनी धुन में रहता हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ ऊ, पिछली रुत के साथी ऊ, पिछली रुत के साथी ऊ, पिछली रुत के साथी, अबके बरस मैं तन्हा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ अपनी धुन में रहता हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ ऊ, पिछली रुत के साथी, साथी, साथी ऊ, पिछली रुत के साथी ऊ, पिछली रुत के साथी, अबके बरस मैं तन्हा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ तेरी गली में सारा दिन तेरी गली में सारा दिन, सारा दिन तेरी गली में सारा दिन तेरी गली में सारा दिन दु:ख के कंकर चुनता हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ मेरा दीया जलाए कौन मेरा दीया जलाए कौन मेरा दीया जलाए कौन, मैं तेरा खाली कमरा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ अपनी लहर है, अपना रोग अपनी लहर है अपनी लहर है, अपना रोग अपनी लहर है, अपना रोग, दरिया हूँ और प्यासा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ आख़िरी शेर, समाप्त हूँ मैं आती रुत मुझे रोएगी, रोएगी आती रुत मुझे रोएगी आती रुत मुझे रोएगी आती रुत मुझे रोएगी आती रुत मुझे रोएगी, जाती रुत का झोंका हूँ अपनी धुन में रहता हूँ आती रुत मुझे रोएगी आती रुत मुझे रोएगी आती रुत मुझे रोएगी, जाती रुत का झोंका हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मैं भी तेरे जैसा हूँ अपनी धुन में रहता हूँ