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“Jo history apko padhai gayi… wo poori kahani nahi thi!” Mohit Ji ne proven facts k sath hume bataya kaise Calculus, Astronomy, aur Science — sab ki shuruaat hui thi Bharat se! 🇮🇳 Mohit ji ke paas hain proven ancient evidence jo duniya se chhupaaya gaya tha 📜 Kartik ke curious sawaal, Mohit ji ke explosive jawaab — pure cinematic feels! 🔥 Yeh podcast badlega tumhara history dekhne ka nazariya! Update from Mohit ji side : इस वीडियो के दो तथ्यात्मक संशोधन प्रस्तुत हैं। पहला संशोधन: वीडियो में समरांगणसूत्रधार तथा भोजप्रबन्ध—दोनों नाम एकसाथ लेकर राजा भोज द्वारा रचित कह दिए गए है। वस्तुतः समरांगणसूत्रधार ही राजा भोज द्वारा रचित ग्रंथ है, जबकि भोजप्रबन्ध किसी अन्य कवि द्वारा राजा भोज पर रचित काव्य है। जो पहले से हमारे संज्ञान में है इसपर हमारी team कई post भी Instagram पर डाल चुकी है , किंतु इन दोनों ग्रंथों के रचयिता भिन्न होने का स्पष्टीकरण वीडियो में छूट गया , जिसे यहाँ स्पष्ट किया जा रहा है। परंतु वीडियो में उल्लिखित उस काल में ब्रेन सर्जरी के उल्लेख तथा 11-12वीं सदी के ऐतिहासिक संकेत की बात तथ्यतः सही है दूसरा संशोधन: संस्कृत भाषा की व्याख्यात्मक क्षमता (explanatory power) समझाते समय ‘Koshika ’ शब्द का उदाहरण दिया गया था। यह उदाहरण वहाँ पर्याय के रूप में प्रयुक्त होना चाहिए था। आयुर्वेद और प्राचीन ग्रंथों में cell के लिए मुख्यतः ‘अणु’ शब्द का प्रयोग मिलता है, जबकि ‘Koshika’ शब्द बाद में एक पर्याय रूप में गढ़ा गया है। संस्कृत की गहन व्याख्यात्मक क्षमता के कारण ही ऐसे नवीन पर्याय-निर्माण संभव हो पाए। यकृत, हृदय आदि अनेक अंगों के शब्द प्राचीन शास्त्रों में मिलते हैं, परंतु Koshika शब्द का सीधा वर्णन प्राचीन ग्रंथ में मूल ना मिलकर पर्याय ही मिलता है वीडियो में यह स्पष्टीकरण देना छूट गया था, इसलिए इसे विवरण (description) में जोड़ा जा रहा है। निष्कर्षतः, मूल तर्क में कोई परिवर्तन नहीं है; केवल इन दो तथ्यात्मक स्पष्टताओं को दर्शकों के लिए विवरण में प्रस्तुत किया जा रहा है। Subscribe To Our YouTube Channel / @decodingwithkartik Follow Our Instagram Here: / decodingwithkartikpodcast