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वाराणसी के अस्सी घाट पर। गंगा के तट पर बसी इस नगरी की हर साँस में है इतिहास, आस्था और खूबसूरती। आज मैं आपको दिखाऊँगा उस घाट को और एक ख़ास मंदिर को — पंचमेश्वर / पंचरत्न मंदिर को। चलिए शुरू करते हैं!”“अस्सी घाट वाराणसी का दक्षिणी सबसे प्रसिद्ध घाट है, जहाँ गंगा नदी और अस्सी नामक पुरानी नदी का संगम होता है। यहाँ सुबह-शाम गंगा पूजा और रिवर वॉक का अपना अलग ही अनुभव है।” “यहाँ प्रतिदिन सुबह जल्दी से लोग स्नान के लिए आते हैं, मान्यता है कि गंगा में स्नान से पापों का नाश होता है और आस्था की गहराई बढ़ती है।” “…और यहाँ, घाट के ठीक पास, स्थित है एक खास मंदिर — पंचमेश्वर (जिसे लक्ष्मीनारायण पंचरत्न मंदिर भी कहते हैं)। यह पाँच गुंबदों वाला मंदिर है (पंच-रत्न) और इसकी सुंदर वास्तुकला देखने लायक है।” “यह मंदिर 1900 के आस-पास महारानी दुलारी राधाकुँवर ने बनवाया था।” “यहां भगवान के कई रूपों की मूर्तियाँ हैं — शिव, विष्णु, राधा-कृष्ण… और कहते हैं कि इस मंदिर के चारों ओर जो नजारे हैं वे आस्था और कलाप्रियता का प्रतीक हैं।” (यहाँ मंदिर में पूजा करने वालों के शॉट, अगर संभव हो तो धीमी धुन के साथ) “अस्सी घाट सिर्फ पूजा का स्थान नहीं — यह यहाँ के लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है। सुबह योग, शाम गंगा आरती, नाव पर सवारी… सब की अपनी कहानी है।” “और शाम ढलते-ढलते आप यहाँ की गंगा आरती को कभी मिस मत करना — समुद्र की तरह विस्तृत गंगा के सामने मंत्र, दीप और घंटियाँ — यह दृश्य अलौकिक लगता है।” इसकी सबसे अनोखी बात पता है क्या? इसका इरेगुलर हेक्सागोनल (षटकोणीय) आकार। अस्सी घाट की सीढ़ियाँ सीधे इस मंदिर के आंगन में खुलती हैं।" "चलिए, अंदर चलते हैं। केंद्र में भगवान लक्ष्मी नारायण जी हैं। इनके चारों ओर चार और मंदिर हैं जो दक्षिणावर्त (clockwise) दिशा में स्थित हैं। यहाँ की शांति और गंगा की लहरों की आवाज एक अलग ही सुकून देती है।" "यह मंदिर पूरब की ओर मुख किए हुए है। जब सूरज उगता है, तो इसकी पहली किरणें सीधे मंदिर के चरणों में पड़ती हैं। लोग अक्सर यहाँ आकर अस्सी घाट का पूरा नजारा देखने रुकते हैं। यह सिर्फ पत्थर की इमारत नहीं, बनारस की आत्मा का एक हिस्सा है।" क्या आपने कभी ऐसा मंदिर देखा है जिसके 5 शिखर और 5 अलग-अलग कोने हों? एक ऐसी जगह जहाँ की सीढ़ियाँ सीधे गंगा से जुड़ती हैं। चलिए, आज जानते हैं अस्सी घाट के सबसे सुंदर रहस्य— पंचमेश्वर पंचरत्न मंदिर के बारे में! बनारस की भीड़ से दूर, शांति की तलाश में आज हम यहाँ हैं।" "बनारस की गलियों और घाटों में न जाने कितने रहस्य छिपे हैं!"उन्हीं में से एक है अस्सी घाट पर स्थित 'पंचमेश्वर पंचरत्न मंदिर' (लक्ष्मी नारायण मंदिर) । यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और अनोखे हेक्सागोनल आकार के लिए जाना जाता है। इस वीडियो में हम देखेंगे: मंदिर का इतिहास और उसकी बनावट। अस्सी घाट से मंदिर का अद्भुत नजारा। सुबह-ए-बनारस के समय यहाँ की शांति। बनारस का एक अनसुना कोना! ✨ अस्सी घाट पर स्थित यह पंचरत्न मंदिर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। क्या आप यहाँ गए हैं? कमेंट्स में बताएं! 👇🚩"