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Muktibodh- Jeevan Parichay || Adhunikkal Kavi || Hindi Department Satyawati College गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’ 1. मुक्तिबोध आधुनिक काल के प्रगतिवादी धारा के प्रसिद्ध कवि है। 2. मुक्तिबोध का वास्तविक नाम गजानन माधव है। 'मुक्तिबोध' उपनाम उन्हें उनके पूर्वजों द्वारा लिखे गए एक ग्रंथ से मिला था। 3. मुक्तिबोध का जन्म 1917 ई. ग्वालियर,म. प्र. में हुआ था . 4. इन्हें प्रगतिशील कविता और नयी कविता के बीच का सेतु माना जाता है। 5. मुक्तिबोध ने कविताएँ , आलोचना,निबंधों, उपन्यास एवं कहानियाँ लिखी है। 6-चांद का मुंह टेढ़ा है(कविता संग्रह), कामायनी: एक पुनर्विचार, एक साहित्यिक डायरी (आलोचना), कंठ का सपना (कहानी संग्रह), विपात्र(लघु उपन्यास)आदि इनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं । 7-. 'ब्रह्मराक्षस'एवं 'अंधेरे में' इनकी प्रसिद्ध कविताएं है। 8-मुक्तिबोध ने हिंदी साहित्य में फैंटेसी शिल्प विधा का नवीन प्रयोग किया है । 9-मुक्तिबोध तार सप्तक (1943 ई.) के प्रथम कवि हैं। 10-.मुक्तिबोध पूंजीवादी व्यवस्था के विरोधी थे और वह एक नयी सामाजिक व्यवस्था को बनाने के पक्षधर रहे हैं। 11-‘अंधेरे में' कविता की प्रसिद्ध पंक्ति है- "अब अभिव्यक्ति के सारे ख़तरे उठाने ही होंगे। तोड़ने होंगे ही मठ और गढ़ सब" ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ #hindinama #hindi #kavishala #hindwi #muktibodh #adhunikal #rekhta