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Track - Jai Jai Radha Vallabh Laal Album - Divya Path Singer - Anup Jalota, Shankar Mahadevan, J.S.R. Madhukar Language - Hindi Music & Composer - J.S.R. Madhukar Please: Like || Comment || Subscribe || Share जय जय राधा वल्लभ लाल, मन रखियो अपने चरणन में। जय जय राधा वल्लभ लाल, मन रखियो अपने चरणन में॥ मन रखियो अपने चरणन में, तन रखियो श्री वृंदावन में। मन रखियो अपने चरणन में, तन रखियो श्री वृंदावन में॥ श्री राधा जू… श्री राधा जू… नैनन राधे, बैनन राधे, सनन राधे, कृत नित राधे। कानन राधे, मानन राधे, हर राधे, दुख में राधे। सुख में राधे, मुख में राधे, उर-चित राधे, इत-उत राधे। जित देखूँ तित राधे-राधे, ललित किशोरी, बाँके बिहारी॥ जय जय राधा वल्लभ लाल, मन रखियो अपने चरणन में… तन रखियो श्री वृंदावन में… श्री राधा जू… श्री राधा जू… एक रज रेणु का पे चिंतामणि वार डारूँ, सेवाकुंज बिहार पे विश्व वार डारूँ। ब्रज की लता, ब्रज के वन उपवन, कोटि कल्प वार डारूँ॥ ब्रह्मा लोक वार डारूँ, गोपन के द्वार पे। वैकुंठ को वार डारूँ, यमुना की धार पे॥ कहे अभिराम, जानता एक राधा नाम, देवन को वार डारूँ, नंद के कुमार पे॥ लोकन को तत्त्व एक बृज लोक देख्यो, बृज को तत्त्व श्री वृंदावन धाम। साधुजन तत्त्व गोपी-ग्वार नाम, ग्वार को तत्त्व गया चरावन काम॥ काम को तत्त्व कृष्णा भयो, कृष्ण को तत्त्व राधा रानी नाम। राधा रानी को तत्त्व, राधा वल्लभ लाल॥ जय जय राधा वल्लभ लाल, मन रखियो अपने चरणन में। तन रखियो श्री वृंदावन में। श्री राधा जू… श्री राधा जू… वृंदावन के वास को मरम न जाने कोई, डाल-डाल, पात-पात पे श्री राधे-राधे होई॥ मानस हो तो बृज गोकुल बसो, पशु हो तो चरौ नंद की धेनु। खग हो तो बसौ कालिंदी तट, कदंब डारन की छेनु॥ जो गिर को धर्यो कर छत्र, पुरंदर धारण वही। शेष, महेश, गणेश, दिनेश, सुरेश निरंतर ध्यावे वही॥ नारद, व्यास रटे जिनको, पार न पावे कोई। छछिया भरी हरिया के संग, नाच नचावे वही॥ राधा-राधा कहत जो नर, आठों याम बसत बृजधाम। भवसिंधु लांघे सहज ही, पावे राधा वल्लभ नाम॥ जय जय राधा वल्लभ लाल, मन रखियो अपने चरणन में। मन रखियो अपने चरणन में, तन रखियो श्री वृंदावन में॥ श्री राधा जू… श्री राधा जू… राधा… राधा…