У нас вы можете посмотреть бесплатно शिवरात्रि के उपलक्ष्य पर छोटा सा भंडारा@#@ जय भोलेनाथ @# बनेगा घोटा....@#@# или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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महाशिवरात्रि, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है, जो भोलेनाथ और माता पार्वती के पावन विवाह का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे, या उन्होंने सृष्टि की रक्षा के लिए विष (हलाहल) पिया था। इसे रात्रि जागरण, उपवास और शिव-पार्वती पूजा का सर्वोच्च दिन माना जाता है। महाशिवरात्रि की प्रमुख पौराणिक कथाएं (Bholenath Ki Katha) शिव-पार्वती विवाह: मान्यता के अनुसार, इसी रात भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसे प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग का प्राकट्य: मान्यता है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन ही भगवान शिव ने ज्योतिर्लिंग (निराकार शिव) के रूप में पृथ्वी पर प्रकट होकर ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को तोड़ा था।शिकारी (लुब्धक) की कथा: एक कथा के अनुसार, एक शिकारी अनजाने में रात भर बेल के पेड़ पर जागकर और बेलपत्र शिवलिंग पर गिराकर महाशिवरात्रि का व्रत पूरा कर लेता है, जिससे उसे मोक्ष मिल जाता है। शिवरात्रि का महत्व और इतिहास विषपान (नीलकंठ): समुद्र मंथन के दौरान निकले भयंकर विष को शिवजी ने पीकर संसार की रक्षा की थी। अर्थ: शिवरात्रि का अर्थ है "शिव की रात्रि", जिसे अज्ञानता को दूर करने वाली रात्रि माना जाता है। यूपूजा विधि: इस दिन शिवलिंग का अभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और दूध चढ़ाकर किया जाता है। भोलेनाथ का इतिहास 'भोलेनाथ' नाम का तात्पर्य है कि शिव बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। पौराणिक ग्रंथों में शिव को तपस्वी और योगमुद्रा में रहने वाला बताया गया है। वे भस्मासुर जैसे असुरों को भी वरदान देकर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं, भले ही बाद में उन्हें ही भस्मासुर से रक्षा करनी पड़े। क्या आप जानते हैं शिवरात्रि वाले दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह ... शिवरात्रि का धार्मिक महत्व शिवरात्रि का अर्थ है “शिव की रात्रि”। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए यह पर्व विवाह, प्रेम और महाशिवरात्रि की पौराणिक कथा (Maha Shivratri Ki Katha) महाशिवरात्रि की कथा अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए ही इ... महाशिवरात्रि की कहानी: भगवान शिव की 4 शक्तिशाली कथाओं की व्याख्या . हंटर की अनजाने में हुई भक्ति की कहानी महाशिवरात्रि की रात लुब्धका, एक गरीब शिकारी, जंगल में फंस गया। जंगली जानवरों से डरकर वह शिकार करने के लिए बेल के पेड़ भगवान शिव के जन्म की पौराणिक कहानी : जानिए कब, कहां और कैसे प्रकट ... लेकिन पुराणों में उनकी उत्पत्ति का विवरण मिलता है। विष्णु पुराण के अनुसार ब्रह्मा भगवान विष्णु की नाभि कमल से पैदा हुए जबकि शिव भगवान विष्णु के माथे के तेज से उ... जय श्री राम मुझे संतान को जन्म देने दो, मैं वचन देती हूं कि लौट आऊंगी.” शिकारी ने उसे जाने दिया. कुछ समय बाद दूसरी हिरणी आई. उसने विनम्रतापूर्वक कहा— “मैं अभी ऋतु से निवृत्... कैसे हुई शिवलिंग की उत्पत्ति? कितने शिवभक्तों को पता है? सुनिए - शिवजी ने घोषणा की कि ये ज्योतिर्लिंग उनकी अनंत शक्ति का प्रतीक है। इस घटना ने ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को भी तोड़ दिया और शिवलिंग को शिव की अनंतता के प्रतीक ... — दंतकथा भोलानाथ की उपाधि कभी-कभी भस्मासुर की घटना से जुड़ी होती है। इस कथा में, उपर्युक्त असुर ने शिव को प्रसन्न करने के बाद, जिस भी चीज़ को वह छुए उसे राख में भोलेनाथ (भगवान शिव) के अनेक नाम हैं, और हर नाम उनके किसी विशेष स्वरूप, शक्ति या कथा से जुड़ा हुआ है। -- 🌿 1. भोलेनाथ (Bholenath) अर्थ: “भोले” अर्थात सरल, निष्कपट और “नाथ” अर्थात स्वामी। कथा: शिवजी को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे बहुत शीघ्र अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। असुरों ने भी जब तप किया, तो शिव ने बिना भेदभाव के उन्हें वरदान दे दिया — यही उनकी भोलापन का प्रतीक है। -- 🔥 2. महादेव (Mahadev) अर्थ: सभी देवताओं के देव — सबसे महान देव। कथा: जब देवता और असुर दोनों ही विष ( महाशिवरात्रि व्रत की प्रामाणिक और पौराणिक कथा। Shivratri Vrat Katha पूर्व काल में चित्रभानु नामक एक शिकारी था। जानवरों की हत्या करके वह अपने परिवार को पालता था। वह एक साहूकार का कर्जदार था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधित साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया लोग यह भी जानना चाहते हैं महाशिवरात्रि की असली कहानी क्या है? शिव की पूरी कहानी क्या है? शिवरात्रि को कौन सा पाठ करना चाहिए? शिवलिंग की असली कहानी क्या है? दिन पहले — यह फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी पावन रात्रि में भगवान शिव ने तांडव किया था और माता पार्वती के साथ उनका विवाह भी इसी दिन हुआ माना जाता है . इतिहास रच दिया #rambhadracharyaji ... महाशिवरात्रि स्पेशल :- शिव-पार्वती विवाह की संपूर्ण कथा | Pujya Rajan Ji Maharaj #shivparvativivah भोलेनाथ की कथा - Bholenath Ki Kahani - शिव जी की कहानी -थाओं की व्याख्या 1 दिन पहले — महाशिवरात्रि की कहानी: भगवान शिव की 4 शक्तिशाली कथाओं की व्याख्या ... हिंदू पौराणिक कथाओं में ऐसी कहानियां हैं जो इतनी शक्तिशाली हैं कि उन्होंने वर्ष की सबसे पवित्र रातों में से एक को जन्म दिया। करवट लेकर सोने वालों के ... महाशिवरात्रि भारतीयों का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। माघ फागुन फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ था। पौराणिक टे पहले — Maha Shivratri Ki Kahani: महाशिवरात्रि की कहानी. पौराणिक कथाओं अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे इसलिए इस शिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना जाता .ह पहले शिवरात्रि त्योहार में रोचक कथा क्या है जय भोलेनाथ जय हिंद जय भारत @#@@@