У нас вы можете посмотреть бесплатно भगवान क्यों कहते हैं सुख-दुःख को सहन करो? | BG 2.14 Explained. ( PART-1). или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
भगवान क्यों कहते हैं सुख-दुःख को सहन करो? //Why does God say to endure both happiness and sorrow?| BG 2.14 Explained ( PART-1). भगवद गीता अध्याय 2 का श्लोक *2.14* हमें जीवन को देखने की एक नई दृष्टि देता है। भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक में बताते हैं कि **सुख और दुःख शरीर तथा इंद्रियों के संपर्क से उत्पन्न होते हैं**, और ये स्थायी नहीं होते। इस प्रवचन में यह स्पष्ट किया गया है कि • जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ अस्थायी हैं • सुख और दुःख दोनों ही समय के साथ बदल जाते हैं • आत्मिक दृष्टि से देखने पर मन स्थिर रहता है 👉 सहनशीलता आध्यात्मिक शक्ति है 👉 हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखना ही वास्तविक बुद्धिमानी है यह वीडियो उन सभी के लिए है जो ✔️ मानसिक अशांति से गुजर रहे हैं ✔️ गीता को गहराई से समझना चाहते हैं ✔️ भक्ति के मार्ग पर स्थिर रहना चाहते हैं 🙏 *ध्यानपूर्वक सुनें और इस ज्ञान को अपने जीवन में उतारें।* #VIPINAVILASADAS #Gita214 #BhagavadGitaHindi #KrishnaUpdesh #SpiritualStrength #ToleranceInLife #BhaktiYoga #ISKCONTeachings #GitaForLife #HareKrishna