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1. Rh एण्टीजन अथवा Rh फैक्टर की खोज किसने और कब की थी? लैण्डस्टीनर तथा वीनर (Landsteiner and Weiner) ने रहीसस बन्दर (Rhesus monkey) के रुधिराणुओं पर एक अन्य प्रकार के एण्टीजन की उपस्थिति का पता लगाया और उसे रहीसस प्रतिजन या Rh एण्टीजन या Rh फैक्टर कहा। मतलब Rh कारक या Rh एंटीजन की खोज ऑस्ट्रिया के वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर ने की थी। कार्ल लैंडस्टीनर ने Rh Factor की खोज रहीसस (Rhesus) नामक बंदर में की थी। इन्होंने बंदर के रक्त में विशेष प्रकार का प्रोटीन खोजा था। इस प्रोटीन को इन्होंने RhD एंटीजन कहा जो ब्लड ग्रुप के लिए बेहद Important है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इन्होंने ही ब्लड ग्रुप की भी खोज की थी। कार्ल लैंडस्टीनर को वर्ष 1930 में अपनी इस महान खोज के लिए नोबेल पुरस्कार भी मिला था। 2. आरएच कारक अथवा Rh Factor किसे कहते हैं? Rh Factor लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाया जाने वाला एक विशेष प्रोटीन है। मतलब आरएच फैक्टर एक प्रोटीन अथवा एंटीजन है जो रेड ब्लड सेल्स की सतह पर पाया जाता है। जिन लोगों की रेड ब्लड सेल्स की सतह पर ये प्रोटीन होता है उन्हें Rh+ Positive कहते हैं। इसके विपरीत जिन लोगों की रेड ब्लड सेल्स की सतह पर ये प्रोटीन नहीं होता उन्हें Rh- Negative कहा जाता है। मतलब अगर यह प्रोटीन RBC में उपस्थित है तो ब्लड Rh+ Positive होता है और अगर यह प्रोटीन RBC में उपस्थित नहीं है तो ब्लड Rh- Negative होगा। इस प्रोटीन को RhD एंटीजन भी कहते है। इसके आधार पर ही Human Blood Group ko Positive और Negative बताया गया। जैसे मैने पिछले वीडियो में आपको सभी Human Blood Group को समझाया था A+ (Positive) या A- (Negative) से लेकर B+, B-, AB+, AB-, O+, O- इन सबको डीटेल से समझाया है यदि आप ये वीडियो देखना चाहते हैं तो मेरे चैनल से जाकर देख सकते हैं। लाल रुधिर कणिकाओं(RBC) की सतह पर एंटीजन A या एंटीजन B की उपस्थित के आधार पर 1901 में कार्ल लैंडस्टीनर ने मानव रुधिर को चार प्रमुख समूहों में बांटा था। मतलब पहले ब्लड ग्रुप (Blood Group) मुख्य रूप 4 प्रकार के होते थे - A, B, AB और O हैं। आपको बता दे कि जिनके आधार पर लैंडस्टीनर ने मानव रुधिर को चार समूहों में बांटा था। वो एंटीजन ए और एंटीजन B हैं। इनके अलावा तीसरे प्रकार का भी एंटीजन होता है, जिसे Rh फैक्टर कहते हैं। जिसके ब्लड में ये Rh फैक्टर होगा, उसका ब्लड ग्रुप पॉजिटिव होता है। और जिसके ब्लड में ये Rh फैक्टर नहीं होता है, उसका ब्लड ग्रुप नेगेटिव होता है। अब इस आधार पर कुल मिलाकर आठ ब्लड ग्रुप हो गए थे। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि इन आठ ब्लड ग्रुप के अलावा एक और खास तरह का ब्लड ग्रुप भी होता है जिसका नाम है 'गोल्डन ब्लड' (Golden Blood)। यदि गोल्डन ब्लड' की पूरी जानकारी चाहते हो तो मेरे चैनल से वीडियो देखिए। you also search this topic- Rh factor rh factor in blood group Rh blood group system rh factor in blood group physiology rh factor kya hota hai blood group me rh factor kya hota hai rh factor kya hai आरएच फैक्टर क्या है आरएच कारक