У нас вы можете посмотреть бесплатно गवर्नर, गवर्नर जनरल और वायसराय или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
वीडियो विवरण: बंगाल के गवर्नर से भारत के वायसराय तक का सफर शीर्षक: गवर्नर, गवर्नर-जनरल और वायसराय में क्या अंतर है? | British Administration in India | Prarambh Tree विवरण: नमस्ते दोस्तों! क्या आप भी Governor-General और Viceroy के बीच के अंतर को लेकर उलझन में रहते हैं? इतिहास की किताबों में ये नाम बार-बार आते हैं, लेकिन इनका पद और शक्तियाँ समय के साथ कैसे बदलीं? आज के इस वीडियो में Prarambh Tree आपके लिए लाया है ब्रिटिश भारत के प्रशासनिक पदों का पूरा इतिहास। हम सरल भाषा में समझेंगे कि ईस्ट इंडिया कंपनी के एक 'गवर्नर' से लेकर ब्रिटिश क्राउन के 'वायसराय' बनने तक की यात्रा कैसी रही। 🔍 इस वीडियो में मुख्य बिंदु: बंगाल का गवर्नर (1757-1773): रॉबर्ट क्लाइव से शुरुआत। कैसे प्लासी के युद्ध के बाद प्रशासन शुरू हुआ। बंगाल का गवर्नर-जनरल (1773-1833): रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत वॉरेन हेस्टिंग्स का उदय। बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी का बंगाल के अधीन आना। भारत का गवर्नर-जनरल (1833-1858): चार्टर एक्ट 1833 के माध्यम से पूरे भारत का केंद्रीकृत प्रशासन। लॉर्ड विलियम बेंटिक का योगदान। भारत का वायसराय (1858-1947): 1857 की क्रांति के बाद 'भारत सरकार अधिनियम 1858' का आना। कैसे कंपनी का शासन खत्म हुआ और क्राउन (महारानी) का शासन शुरू हुआ। लॉर्ड कैनिंग—पहले वायसराय। पद प्रथम व्यक्ति अधिनियम/वर्ष बंगाल का गवर्नर रॉबर्ट क्लाइव 1757 बंगाल का गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स 1773 रेगुलेटिंग एक्ट भारत का गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक 1833 चार्टर एक्ट भारत का वायसराय लॉर्ड कैनिंग 1858 भारत सरकार अधिनियम