У нас вы можете посмотреть бесплатно गणेश अष्टोत्तर शतनामावली 108 नाम शुभ, सिद्धि और विघ्नविनाशक मंत्र | Ganesh Ashtottara Shatanamavali или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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गणेश अष्टोत्तर शतनामावली भगवान गणेश के 108 दिव्य नामों का शक्तिशाली स्तोत्र है। माना जाता है कि इस मंत्र का श्रवण या जप करने से विघ्नों का नाश, बुद्धि-विवेक की वृद्धि, धन-समृद्धि, और जीवन में मंगल ऊर्जा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र सदियों से पूजा, साधना, ध्यान और आराधना में गाया जाता रहा है। यह वीडियो आपको आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान गणेश की कृपा से भर देता है। शुभारंभ, व्यवसाय, परीक्षा, या नए कार्य की शुरुआत के लिए यह मंत्र अत्यंत शुभ माना जाता है। 🙏 श्री गणेशाय नमः 🔔 चैनल को Subscribe करें और बेल आइकन ज़रूर दबाएँ। Ganesh Ashtottara Shatanamavali is a sacred chant of the 108 divine names of Lord Ganesha. Listening to or reciting this powerful hymn is believed to bring success, clarity, wisdom, protection from obstacles, prosperity, and positivity in life. This traditional chant has been used for centuries in worship, meditation, and spiritual practices. This rendition provides peace, devotion, and a deep spiritual experience filled with Lord Ganesha’s blessings. Ideal for new beginnings, business success, exams, meditation, and daily prayers. 🙏 Shri Ganeshaya Namah 🔔 Subscribe and press the bell icon for more spiritual content. #Ganesh #Ganpati #AshtottaraShatanamavali #108NamesOfGanesha #GaneshMantra #Vighnaharta #DivineChants #MeditationMusic #SanskritMantra #Bhakti #HinduDevotional #SpiritualMusic #PositiveEnergy #PeaceMantra #lordganesha ॐ गजाननाय नमः। ॐ गणाध्यक्षाय नमः। ॐ विघ्नराजाय नमः। ॐ विनायकाय नमः। ॐ द्वैमातुराय नमः। ॐ द्विमुखाय नमः। ॐ प्रमुखाय नमः। ॐ सुमुखाय नमः। ॐ कृतिने नमः। ॐ सुप्रदीपाय नमः। ॐ सुखनिधये नमः। ॐ सुराध्यक्षाय नमः। ॐ सुरारिघ्नाय नमः। ॐ महागणपतये नमः। ॐ मान्याय नमः। ॐ महाकालाय नमः। ॐ महाबलाय नमः। ॐ हेरम्बाय नमः। ॐ लम्बजठराय नमः। ॐ ह्रस्वग्रीवाय नमः। ॐ महोदराय नमः। ॐ मदोत्कटाय नमः। ॐ महावीराय नमः। ॐ मन्त्रिणे नमः। ॐ मङ्गलस्वराय नमः। ॐ प्रमधाय नमः। ॐ प्रथमाय नमः। ॐ प्राज्ञाय नमः। ॐ विघ्नकर्त्रे नमः। ॐ विघ्नहर्त्रे नमः। ॐ विश्वनेत्रे नमः। ॐ विराट्पतये नमः। ॐ श्रीपतये नमः। ॐ वाक्पतये नमः। ॐ शृङ्गारिणे नमः। ॐ अश्रितवत्सलाय नमः। ॐ शिवप्रियाय नमः। ॐ शीघ्रकारिणे नमः। ॐ शाश्वताय नमः। ॐ बलाय नमः। ॐ बलोत्थिताय नमः। ॐ भवात्मजाय नमः। ॐ पुराणपुरुषाय नमः। ॐ पूष्णे नमः। ॐ पुष्करोत्षिप्तवारिणे नमः। ॐ अग्रगण्याय नमः। ॐ अग्रपूज्याय नमः। ॐ अग्रगामिने नमः ॐ मन्त्रकृते नमः। ॐ चामीकरप्रभाय नमः। ॐ सर्वाय नमः। ॐ सर्वोपास्याय नमः। ॐ सर्वकर्त्रे नमः। ॐ सर्वनेत्रे नमः। ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः। ॐ सिद्धये नमः। ॐ पञ्चहस्ताय नमः। ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ कुमारगुरवे नमः। ॐ अक्षोभ्याय नमः। ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः। ॐ प्रमोदाय नमः। ॐ मोदकप्रियाय नमः। ॐ कान्तिमते नमः। ॐ धृतिमते नमः। ॐ कामिने नमः। ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः। ॐ ब्रह्मचारिणे नमः। ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः। ॐ ब्रह्मविद्यादिदानभुवे नमः। ॐ जिष्णवे नमः। ॐ विष्णुप्रियाय नमः। ॐ भक्तजीविताय नमः। ॐ जितमन्मथाय नमः। ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः। ॐ ज्यायसे नमः। ॐ यक्षकिन्नरसेविताय नमः। ॐ गङ्गासुताय नमः। ॐ गणाधीशाय नमः। ॐ गम्भीरनिनदाय नमः। ॐ वटवे नमः। ॐ अभीष्टवरदाय नमः। ॐ ज्योतिषे नमः। ॐ भक्तनिधये नमः। ॐ भावगम्याय नमः। ॐ मङ्गलप्रदाय नमः। ॐ अव्यक्ताय नमः। ॐ अप्राकृतपराक्रमाय नमः। ॐ सत्यधर्मिणे नमः। ॐ सखये नमः। ॐ सरसाम्बुनिधये नमः। ॐ महेशाय नमः। ॐ दिव्याङ्गाय नमः। ॐ मणिकिङ्किणीमेखलाय नमः। ॐ समस्तदेवतामूर्तये नमः। ॐ सहिष्णवे नमः। ॐ सततोत्थिताय नमः। ॐ विघातकारिणे नमः। ॐ विश्वग्दृशे नमः। ॐ विश्वरक्षाकृते नमः। ॐ कल्याणगुरवे नमः। ॐ उन्मत्तवेषाय नमः। ॐ अपराजिते नमः। ॐ समस्तजगदाधाराय नमः। ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः। ॐ आक्रान्तचिदचित्प्रभवे नमः। ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः।