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भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट देश के संविधान के संरक्षक (Custodian / Guardian of the Constitution) हैं, परंतु कुछ फैसले ऐसे हैं जिनकी पुनर्विचार (Review) की आवश्यकता है। वक्ता ने विस्तार से बताया है कि कैसे कुछ ऐतिहासिक जजमेंट्स जैसे — Selvi vs State of Karnataka (Narco, Polygraph, Brain Mapping Test) Land Dispute as Civil Matter Judgment Arnesh Kumar Judgment (Arrest & Bail Guidelines) Concurrent vs Consecutive Sentencing Issue Narasimha Rao Case (MPs & MLAs as Public Servants) T.M.A. Pai & Aligarh Muslim University Case (Minority Rights) Madarsa Board Recognition Case TET Exemption for Minority Schools Case Secularism vs Religion-Based Institutions Debate Need for “Justice Within a Year” System इन फैसलों की समीक्षा आवश्यक है ताकि न्याय व्यवस्था तेज़, पारदर्शी और जनहितकारी बन सके। वक्ता का तर्क है कि — 👉 झूठ पकड़ने वाली आधुनिक तकनीकें (Narco, Polygraph, Brain Mapping) अपराध घटा सकती हैं। 👉 Land Dispute को Criminal Offence बनाना चाहिए ताकि कब्ज़े और झगड़े कम हों। 👉 Arnesh Kumar Judgment ने पुलिस को कमजोर किया है, उसकी समीक्षा ज़रूरी है। 👉 Concurrent Sentencing की जगह Consecutive Sentencing से अपराधियों में भय पैदा होगा। 👉 Secularism और Minority Policies के बीच स्पष्ट रेखा खींचनी चाहिए। 👉 और अंततः — Justice Within a Year लागू हो जाए तो देश की आधी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। 🔍 वीडियो के मुख्य बिंदु सप्रीम कोर्ट के 10 विवादित फैसलों पर समीक्षा की मांग आर्टिकल 20 और नार्को टेस्ट का सही अर्थ जमीन विवाद: सिविल या क्रिमिनल मामला? पुलिस और अरणेश कुमार जजमेंट की दुविधा एमएलए/एमपी के वकालत करने का मुद्दा माइनॉरिटी एजुकेशन संस्थानों पर बहस जस्टिस विदिन ईयर – न्याय व्यवस्था में क्रांति की आवश्यकता ⚖️ उद्देश्य यह वीडियो न्यायपालिका, संविधान और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर जनजागरण और संवाद का प्रयास है। वक्ता का उद्देश्य माननीय सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हुए संविधान की व्याख्या पर पुनर्विचार की आवश्यकता को उजागर करना है। 🗣️ चर्चा के लिए प्रश्न क्या नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट को फिर से लागू किया जाना चाहिए? क्या भूमि विवादों को क्रिमिनल अपराध बनाना चाहिए? क्या सुप्रीम कोर्ट को कुछ पुराने फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए? क्या “Justice Within a Year” संभव है भारत में? 📌 #supremecourtofindia #indianconstitution #judicialreform #SelviVsKarnataka #ArneshKumar #TMAPaiCase #AligarhMuslimUniversity #JusticeWithinAYear #LawAndOrder #IndianJudiciary #LegalAwareness