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नगद लेनदेन को कम करने के लिए सरकार और सख्त नजर आ रही है। आने वाले दिनों में कैश लेन देन लोगों के लिए महंगा पड़ सकता है। सरकार के नए प्रस्ताव के अनुसार 2 लाख से अधिक के लेनदेन पर टैक्स का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने तीन लाख रुपए तक के नकद लेनदेन की सीमा को घटा कर दो लाख करने का प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार ने वित्त विधेयक में करीब 40 संशोधन पेश किए हैं। कानून बन जाने के बाद इस सीमा से ज्यादा नकद लेनदेन करने पर उस रकम के बराबर जुर्माना वसूला जाएगा। लोकसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस और आरएसपी जैसी पार्टियों ने वित्त विधेयक के साथ 40 कानूनों में संशोधन पेश करने का विरोध किया और इसे पिछले दरवाजे से की गई कवायद होने का आरोप लगाया। दरअसल बजट 2017-18 में तीन लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगाने का प्रस्ताव किया गया था। इसका मकसद काले धन पर अंकुश लगाना था। कैशलेस इकनॉमी की ओर कदम बढ़ाते हुए मोदी सरकार ने पिछले महीने तीन लाख से अधिक नकद लेनदेन पर सीमा तय की थी। काले धन पर एसआईटी की सिफारिशों के बाद यह फैसला 1 अप्रैल 2017 से लागू होगा। लेकिन अब तीन लाख से भी घटा कर 2 लाथ कर दिया गया है। संशोधन पेश किए जाने के बाद राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने एक ट्विट किया कि प्रावधान का उल्लंघन होने पर इतनी ही राशि का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके साथ ही आयकर रिटर्न के लिए आधार और पैन को भी जरुरी कर दिया गया है। हालांकि वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि कुछ व्यक्तियों, व्यक्तियों के समूह या फिर किसी राज्य विशेष के लिए शर्तों में ढ़ील दी जा सकती है। इसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। तो नए वित्त विधेयक पर संसद में बहस फिलहाल जारी है। लेकिन नए नियम से लोगों को कितनी परेशानी होगी ये तो नियम लागू होने के बाद ही पता चलेगा http://www.deshbandhu.co.in/ http://dblive.tv/