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सुबह सवेरे जिस घर में यह चालीसा बजेगा वहां धन , सुख समृद्धि सभी मनोकामनाए पूर्ण होती रहेगी Album :- Shri Subratnath Chalisa Song :- Shri Subratnath Chalisa Writer. :- Traditional Music :- MM Brothers Singer :- Chetna Shukla Video Editor- Label :- Namokar Bhajan Digital Partner :- ViaNet Media Pvt. Ltd. JNS-71 VNTR2260 #newjainsongs #Latestjainsongs #Shri Subratnath Chalisa #Ajitnathchalisa #jainchalisa #namokarchalisa #namokarbhajan #mahavirswamibhajan #namokarmantra #adinathbhagwan श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा पंच परम् परमेष्ठी जी जग में आप महान ध्यान करूँ मै आपका बारम्बार प्रणाम मुनिसुव्रतनाथ भगवान् का नाम बड़ा सुखकार सबकी बाधाये हरे और करे भव पार दुखहारी सुखकारी जिनवर मूर्त आपकी प्यारी जिनवर भक्त भक्ति चरणों की करते चरण कमल में नमन है करते सिद्ध शिला के अधिनायक हो भक्जनो के सुख दायक हो रत्नो की वर्षा है होती धर्मो के मिलते है मोती भक्ति के भावो से आया भव भव का संताप सताया सब संताप दूर हो जाए इन्द्रो की सेवा को पाए कल्याणक को इंद्र मनाया स्वर्ग का वैभव भू पर आया मुनिसुव्रतनाथ शुभ नाम को पाया शुभ व्रत पाठ पढ़ाया सच्ची माता के गर्भ में आये हरविंदर सुन मन को हर्षाये दिव्य दिवाकर आने वाला इंद्र खड़े ले कर के माला दशो दिशा फैली उजियाली जिन कांति तम हरने वाली सुर विमान तज भू पर आये पंडुक वन अभिषेक कराये तीर्थंकर की गुण गम गरिमा वचन कहे ना पूरी महिमा परिजन पुरजन लख हर्षाते प्यार सभी का आप है पाते फिर वैराग उमड़ कर आया तज दी नश्वर काया माया नमः सिद्ध कह दी दीक्षा लीन्ही दृष्टि आत्म में कर दीन्हि दश धर्मो की पहनी माला महाव्रतो को आपने पाला घोर तपो को ये नित तपते जंगल में रह आत्म भरते तप से करम की धूल उड़ाई आत्म की नित करी सफाई पीड़ित कर्मो कर दीन्हा रिद्धि सिद्धि आ गई नवीन तप से आत्म कुंदन करते करम इसी से आप ही हरते त्याग धर्म ही सबसे सुन्दर मिले इसी से मुक्ति समुन्दर तप से आत्म शुद्ध है होता तप तो सुख के बीज है बोता अनुनय करते हम भी प्रभुवर आसा पूरी करना जिनवर करुणा सागर आप बहा दो मुझसे मेरा मेल करा दो समता का देखूं मै दर्पण तन मन जीवन तुमको अर्पण मेरी सारी व्यथा को हारना शांतिमय जीवन को करना सच्ची भक्ति जो करता है दुःख हर सुख शांति वरता है चिंता सारी दूर है होती चिंतन के कलियाँ है खिलती निर्धन की झोली भर जाए अंतराये के कटेंगे जाले संकट से भक्ति से कट जाए जो भी प्रभु के नाम को गाये शनि ग्रह जब करता हैरान ले लो मुनिसुव्रत का नाम उत्तम भाव से प्रभु को ध्यायना नित प्रति उनको शीश झुकाना हर दिन घर में हो दिवाली दूर हो ये शनि छाया काली अवगुण हर गुण का भंडारा संकट से सब करे किनारा अर्जी मेरी सुनना प्रभुवर चरणों में आयी हूँ जिनवर मन में मेरे करो उजाला चिंता की पहनू ना माला ज्ञान दीप परजला दो मुक्ति मार्ग मुझे दिखला दो आप जगत से मुक्त हुए हो आपको गुणों से युक्त हुए हो श्री समेध से मुक्ति पायी स्वस्ति के प्रभु बनो सहाई चालीसा चालीस दिन पढ़ना रख सुखभाव सुख सम्पति निसदिन बढे पार लगेगी नाओ मुनिसुव्रत भगवान् से रहो नहीं तुम दूर नमन नित्य ही चरण में सुख हो वे भरपूर Click Now :- Subscribe Now :- https://www.youtube.com/channel/UCyTi... ऑडियो वीडियो रिलिजींग व रिकॉर्डिंग,सुटिंग के लिए संपर्क करे Mail ID: info@vianetmedia.com