У нас вы можете посмотреть бесплатно Remembering Guru Golwalkar, Shat Naman Madhav Charan me, शत नमन माधव चरण में, गुरु गोलवलकर जयंती पर или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
गुरु गोलवलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के द्वितीय सरसंघचालक थे। उनका पूरा नाम माधवराव सदाशिवराव गोळवलकर था। उनका जन्म 19 फरवरी 1906 में महाराष्ट्र के रामटेक में हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से प्राप्त की। यहीं वे संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार के संपर्क में आए। भारतीय इतिहास में गुरु गोलवलकर का योगदान अनूठा रहा है। जब देश के बंटवारे की तैयारी चल रही थी, उन दिनों वो पाकिस्तान में घूम-घूमकर हिंदुओं को जागृत करने में जुटे थे। विभाजन के बाद जम्मू कश्मीर उन्हीं के प्रयासों से भारत का हिस्सा बन पाया। आजीवन वे देश भर में घूम-घूमकर हिंदुत्व की अलख जलाते रहे। उन्हीं के श्रम का परिणाम है कि आज देश में हिंदुत्व और राष्ट्रवादी विचारधारा सशक्त है। गुरु जी का निधन 5 जून 1973 को हो गया। उनके स्मरण में यह गीत सुरेश वाडेकर ने गाया है। गीतकार, संगीतकार और इसे तैयार करने वाले अन्य जनों के बारे में हम नहीं जानते। लेकिन इस सुंदर गीत के लिए हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं। गुरु जी के स्मरण में यह चित्रांजली प्रस्तुत है। ----------- Madhavrao Sadashivrao Golwalkar (19 February 1906 – 5 June 1973) was the second Sarsanghchalak of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS). He was known for his intellectual commentary on Indian politics and religion. Golwalkar is considered one of the most influential and prominent figures among RSS. He was one of the first person to put forward the concept of "Hindu Rashtra" and "Akhand Bharat". ----------- #RSS #GuruGolwalkar #ShatNaman #Song #Music #Sanghgeet #शतनमन #संघगीत #GeetGanga #SanghGeet #RSSGeet #प्रार्थना #Prarthana #SureshWadkar #Indix चित्र साभार: http://www.golwalkarguruji.org/Chitra... ----------- शत नमन माधव चरण में शत नमन माधव चरण में॥ आपकी पीयूष वाणी, शब्द को भी धन्य करती आपकी आत्मीयता थी, युगल नयनों से बरसती और वह निश्छल हंसी जो, गूँज उठती थी गगन में॥ ज्ञान में तो आप ऋषिवर, दीखते थे आद्यशंकर और भोला भाव शिशु सा, खेलता मुख पर निरंतर दीन दुखियों के लिए थी, द्रवित करुणाधार मन में॥ दुख सुख निंदा प्रशंसा, आप को सब एक ही थे दिव्य गीता ज्ञान से युत, आप तो स्थितप्रज्ञ ही थे भरत भू के पुत्र उत्तम, आप थे युगपुरुष जन में॥ सिंधु सा गंभीर मानस, थाह कब पाई किसी ने आ गया संपर्क में जो, धन्यता पाई उसी ने आप योगेश्वर नए थे, छल भरे कुरुक्षेत्र रण में॥ मेरु गिरि सा मन अडिग था, आपने पाया महात्मन त्याग कैसा आप का वह, तेज साहस शील पावन मात्र दर्शन भस्म कर दे, घोर षडरिपु एक क्षण में॥ ----------- Please Visit our Website: www.indixonline.com ----------- Please Follow Indix on Social Media WhatsApp: https://chat.whatsapp.com/GM6wg7SUjZz... Telegram: https://t.me/indixchannel Facebook: / indixonline Koo: https://www.kooapp.com/profile/IndiX Twitter: / indixonline Instagram: / indixonline Youtube: / indixonline