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1. Hybridization (हाइब्रिडाइजेशन) हाइब्रिडाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी परमाणु के अलग-अलग प्रकार के ऑर्बिटल (s, p, d) आपस में मिलकर नए समान ऊर्जा वाले ऑर्बिटल बनाते हैं। इन नए ऑर्बिटल को हाइब्रिड ऑर्बिटल कहते हैं। यह अवधारणा मुख्य रूप से यह समझाने के लिए दी गई है कि अणुओं का आकार (Shape) कैसा होगा और बंधों का कोण (Bond Angle) कितना होगा। उदाहरण के लिए, कार्बन परमाणु में 2s और 2p ऑर्बिटल होते हैं। जब कार्बन मीथेन (CH₄) बनाता है, तो एक s और तीन p ऑर्बिटल मिलकर चार समान sp³ हाइब्रिड ऑर्बिटल बनाते हैं। इससे मीथेन का आकार टेट्राहेड्रल हो जाता है और बंध कोण लगभग 109.5° होता है। हाइब्रिडाइजेशन के मुख्य प्रकार: sp Hybridization – इसमें एक s और एक p ऑर्बिटल मिलते हैं। बंध कोण 180° होता है। उदाहरण: BeCl₂ sp² Hybridization – इसमें एक s और दो p ऑर्बिटल मिलते हैं। बंध कोण 120° होता है। उदाहरण: BF₃ sp³ Hybridization – इसमें एक s और तीन p ऑर्बिटल मिलते हैं। बंध कोण 109.5° होता है। उदाहरण: CH₄ हाइब्रिडाइजेशन से हमें अणुओं का आकार और उनकी ज्यामिति समझने में मदद मिलती है। यह सिद्धांत बताता है कि अणु स्थिर क्यों होते हैं और उनके बंधों की दिशा कैसी होती है। 2. Dipole Moment (डाइपोल मोमेंट) डाइपोल मोमेंट किसी अणु की ध्रुवीयता (Polarity) को मापने का एक तरीका है। जब दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन बराबर तरीके से साझा नहीं होते, तो एक तरफ हल्का धनात्मक (Positive) और दूसरी तरफ हल्का ऋणात्मक (Negative) आवेश बन जाता है। इसी को डाइपोल कहते हैं। डाइपोल मोमेंट का सूत्र है: μ = q × d जहाँ q = आवेश, d = दूरी यदि किसी अणु में डाइपोल मोमेंट शून्य है, तो वह अणु अध्रुवीय (Non-polar) होता है, और यदि डाइपोल मोमेंट शून्य नहीं है, तो वह ध्रुवीय (Polar) होता है। उदाहरण: CO₂ में बंध ध्रुवीय होते हैं, लेकिन अणु का आकार सीधा (Linear) होने के कारण दोनों डाइपोल एक-दूसरे को काट देते हैं, इसलिए कुल डाइपोल मोमेंट शून्य होता है। H₂O में अणु का आकार मुड़ा हुआ (Bent) होता है, इसलिए डाइपोल एक-दूसरे को पूरी तरह समाप्त नहीं करते, जिससे पानी ध्रुवीय होता है। डाइपोल मोमेंट का उपयोग: अणु की ध्रुवीयता पता करने में अणु का आकार समझने में पदार्थ की घुलनशीलता और क्वथनांक (Boiling Point) का अनुमान लगाने में 3. Hydrogen Bond (हाइड्रोजन बॉन्ड) हाइड्रोजन बॉन्ड एक विशेष प्रकार का आकर्षण बल है जो तब बनता है जब हाइड्रोजन परमाणु किसी अत्यधिक विद्युतऋणात्मक (Electronegative) परमाणु जैसे N, O या F से जुड़ा होता है और पास में किसी दूसरे N, O या F परमाणु की ओर आकर्षित होता है। यह सामान्य रासायनिक बंध से कमजोर होता है लेकिन वान डर वाल्स बल से मजबूत होता है। हाइड्रोजन बॉन्ड दो प्रकार के होते हैं: (1) Intermolecular Hydrogen Bond यह दो अलग-अलग अणुओं के बीच बनता है। उदाहरण: पानी (H₂O) के अणुओं के बीच। पानी में हाइड्रोजन बॉन्ड होने के कारण: पानी का क्वथनांक अधिक होता है पानी तरल अवस्था में रहता है बर्फ की संरचना खुली (Open structure) होती है (2) Intramolecular Hydrogen Bond यह एक ही अणु के अंदर बनता है। उदाहरण: o-Nitrophenol हाइड्रोजन बॉन्ड के प्रभाव: पदार्थ का क्वथनांक और गलनांक बढ़ जाता है पानी, अल्कोहल जैसे पदार्थों की घुलनशीलता बढ़ती है जैविक अणुओं जैसे DNA और प्रोटीन की संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है 4. Fajan’s Rule (फाजन्स नियम) Fajan’s Rule आयनिक यौगिकों की प्रकृति (Ionic या Covalent) को समझाने के लिए दिया गया नियम है। यह बताता है कि कब कोई आयनिक बंध आंशिक रूप से सहसंयोजक (Covalent) बन सकता है। जब कोई धनायन (Cation) ऋणायन (Anion) के इलेक्ट्रॉन बादल को अपनी ओर खींचकर उसे विकृत कर देता है, तो बंध में सहसंयोजक गुण आ जाता है। Fajan’s Rule के अनुसार सहसंयोजक गुण बढ़ने के कारण: 1. धनायन का छोटा आकार छोटा धनायन ज्यादा आकर्षण बल लगाता है और ऋणायन को अधिक विकृत करता है। 2. धनायन का अधिक आवेश जितना अधिक आवेश होगा, उतना ज्यादा आकर्षण और उतनी ज्यादा विकृति। 3. ऋणायन का बड़ा आकार बड़े ऋणायन का इलेक्ट्रॉन बादल आसानी से विकृत हो जाता है। उदाहरण: NaCl अधिक आयनिक है AlCl₃ में Al³⁺ का आवेश अधिक और आकार छोटा होता है, इसलिए यह अधिक सहसंयोजक प्रकृति दिखाता है। इस नियम से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि कोई यौगिक पूरी तरह आयनिक होगा या उसमें सहसंयोजक गुण भी होंगे। निष्कर्ष Hybridization, Dipole Moment, Hydrogen Bond और Fajan’s Rule चारों ही रसायन विज्ञान की महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। हाइब्रिडाइजेशन से अणुओं का आकार और संरचना समझ में आती है। डाइपोल मोमेंट से अणु की ध्रुवीयता और गुणों का पता चलता है। हाइड्रोजन बॉन्ड पदार्थों के भौतिक गुणों जैसे क्वथनांक और घुलनशीलता को प्रभावित करता है। वहीं Fajan’s Rule आयनिक और सहसंयोजक बंधों की प्रकृति को समझाने में मदद करता है। #Chemistry #Hybridization #DipoleMoment #HydrogenBond #FajansRule #ChemicalBonding #Class11Chemistry #Class12Chemistry #OrganicChemistry #InorganicChemistry #ChemistryNotes #ChemistryLecture #ScienceEducation #CompetitiveExam #NEETPreparation #CUETPreparation #BoardExam #StudyMaterial #ChemistryStudents #LearnChemistry #Education