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M-विराट माधव कोंदाटला नयनी-मर-एनएस-26 रचनाकार (नाममुद्रा): नरेश राग: पहाडी (थाट: बिलावल) ताल: खेमटा (६ मात्रा) वादी स्वर: प (पंचम) | संवादी स्वर: सा (षड्ज) सादरीकरण वेळ: १० मिनिटे (टीप: खालील स्वरलिपी गायनासाठी सलग प्रवाहात दिली आहे. स्वरांच्या खाली गीताचे बोल आहेत. डॅश (-) म्हणजे स्वर लांबवणे. X म्हणजे सम, ० म्हणजे खाली.) १. प्रास्ताविक आलाप (विना ताल - १.५ मिनिटे) (शांत, भक्तीपूर्ण वातावरणात गायन सुरू…) सा… ध़… प़… ध़… सा… सा रे ग… ग प… ध प ग… रे सा… सा रे ग प ध… सां… नि ध प… म ग… रे सा… प़ ध़ सा रे ग… म ग… रे सा… २. स्थायी (मध्य लय - खेमटा ताल - २ मिनिटे) (तबल्याचा ठेका: धा गे ना | ता के ना) X . . | ० . . | X . . | ० . . | X . . | ० . . | सा रे ग | प ध सां | सां नि ध | प म ग | रे सा - | सा - - | वि रा ट | मा ध व | कों - द | ट ला - | न य नीं | - - - | (येथे तबल्याचा सुंदर उठाव आणि पुन्हा ‘विराट माधव…’ सुरू) स्थायीतील आलाप: (वि…रा…ट…) सा रे ग प ध सां… ध प ग रे सा… (माधव कोंदटला नयनीं) ३. पहिले कडवे (मध्य लय ते किंचित द्रुत - २.५ मिनिटे) X . . | ० . . | X . . | ० . . | X . . | ० . . | प ध सां | सां सां सां | रें सां नि | ध प - | म ग रे | सा - - | सु म न | रे णू या | च रा च | र भु - | व नीं - | - - - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | ग प ध | प म ग | रे सा - | - - - | प रि तो | का - न्हा | जा णे - | - - - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | सा रे ग | प ध सां | सां नि ध | प म ग | क ण क | ण व से | ज - ना | र्द न - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | प ध प | म ग रे | ग रे सा | सा - - | का र ण | मा - गें | उ भा ध | नी - - | (पुन्हा स्थायी: विराट माधव…) ४. दुसरे कडवे (भावपूर्ण आलाप व तानांसह - २ मिनिटे) X . . | ० . . | X . . | ० . . | X . . | ० . . | प ध सां | सां सां सां | रें सां नि | ध प - | म ग रे | सा - - | मा या मो | हि नी दा | टे भु व | नीं - - | - - - | - - - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | ग प ध | प म ग | रे सा - | - - - | वि रु नी | जा - ई | भा न - | - - - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | सा रे ग | प ध सां | सां नि ध | प म ग | सा व ळें | रू प ना | रा - य | ण - - | (येथे ‘सत्य-रूप तो नारायण’ या ओळीवर तार सप्तकात ‘सां रें गं रें सां’ असा सुंदर आलाप घ्यावा. ‘नारायण’ या शब्दावर गमक आणि मींडचा वापर करावा.) तान (नारायण या शब्दानंतर): सा रे ग प ध सां रें गं रें सां नि ध प म ग रे सा… (१ आवर्तन) X . . | ० . . | X . . | ० . . | प ध प | म ग रे | ग रे सा | सा - - | अ व घा | वा - हे | प्रे म पा | णी - - | (पुन्हा स्थायी: विराट माधव…) ५. तिसरे कडवे (नाममुद्रा आणि द्रुत लय - १.५ मिनिटे) (येथे लयीची गती किंचित वाढवावी. ‘नरेश लीन’ या शब्दांवरून भक्तीचा उत्कट भाव प्रकट व्हावा.) X . . | ० . . | X . . | ० . . | X . . | ० . . | सा रे ग | प ध सां | सां रें गं | रें सां - | नि ध प | म ग रे | न रे श | ली - न | त्या च र | णीं च र | णीं - - | - - - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | ग प ध | प म ग | रे सा - | - - - | अ नं त | ज्या - ची | आ ण - | - - - | X . . | ० . . | X . . | ० . . | सा रे ग | प ध सां | सां नि ध | प म ग | भा व भ | क्ती हा नि | र्म - ळ | पा व न | X . . | ० . . | X . . | ० . . | प ध प | म ग रे | ग रे सा | सा - - | दा वी रू | प अं त | र ध्या - | नीं - - | ६. समारोप आणि तिहाई (०.५ मिनिटे) शेवटी ‘विराट माधव कोंदटला नयनीं’ हे धृपद द्रुत लयीत दोन वेळा गाऊन, ‘कोंदटला नयनीं’ या शब्दांवर तिहाई घेऊन समेवर (पहिल्या मात्रेवर) गाणे संपवावे. तिहाई (३ वेळा): कोंदटला नयनीं (धा धा धा) कोंदटला नयनीं (धा धा धा) कोंदटला नयनीं… विराट! (सम - X) (गायन समाप्त) Music,Vocal,lyrics By:-Naresh Saraph 07/03/2026/07:07:07(Pune,Maha.India)