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*"स्वर आराधना चैनल" पर प्रस्तुत है एक हृदयस्पर्शी भजन – ‘प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है…’ यह भजन सृष्टि के अद्भुत रहस्यों को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। प्रकृति का वैभव, चाँद-तारे, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु और मानव जीवन – सब कुछ प्रभु की अनोखी लीला है, जिसे मानव बुद्धि पूरी तरह नहीं समझ सकती। 🎤 Singer: Taruna Jain 🙏 भावपूर्ण प्रस्तुति – स्वर आराधना परिवार की ओर से। 💠 भजन सुनें, प्रभु के चमत्कार को महसूस करें और अपने भावों को प्रकट करें। 👉 चैनल को Like | Share | Subscribe करना न भूलें। #स्वरआराधना #SwarAaradhna @tarunaJainArya #TarunaJain #PrabhuKaisaKhelRachayaHai, #jainbhajan , #swaraaradhna , #tarunajainarya, #devotionalsongs ,#prabhubhajan, #jainstavan, #spiritualsongs ,#hindibhajan , #bhaktigeet , #mahavirswamibhajan , #bhajan2025 , #jaindevotional , #jainsong , #jainism , #jainmusic , #जैन_भजन, #तरुणा_जैन, #दर्शन_भजन, #PrabhuDarshan, #bhaktisangeet , #jaindharm , #adhyatma , #jainbhaktigeet , #jainprarthana , #indiandevotionalmusic , #latestjainbhajan , #jainpoem , #bhaktisong , #jainmandir , #jainmusic , #jainbhaktigeet , #hindibhajan , #prabhubhajans , #emotionalbhajan , #spiritualsongs , #devotionalsong , #भक्ति, #prarthana , #hindidevotionalsongs , #jaindevotion , #jainsongs , प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है..... तूने ये आकाश बनाया है, तूने ये आकाश बनाया है, नहीं खंभा एक लगाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, नहीं खंभा एक लगाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है...... तूने इतने पेड़ बनाये है, तूने इतने पेड़ बनाये है, तू बीज कहां से लाया है,ये मेरी समझ नहीं आया है, तू बीज कहां से लाया है,ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है...... तूने कितने फूल खिलाये है, तूने कितने फूल खिलाये है, तू रंग कहां से लाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, तू रंग कहां से लाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है...... तूने कितने इंसान बनाये है, तूने कितने इंसान बनाये है तू जीव कहां से लाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, तू जीव कहां से लाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है...... तूने कितने भाग्य बनाये है, तूने कितने भाग्य बनाये है, तकदीर कहां से लाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, तकदीर कहां से लाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है...... तूने चाँद और तारे बनाए है, तूने चाँद और तारे बनाए है, इन्हे कैसे तूने चिपकाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है इन्हे कैसे तूने चिपकाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है, प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है……… प्रभु कैसा खेल रचाया है, ये मेरी समझ नहीं आया है………