У нас вы можете посмотреть бесплатно "फिजियोथेरेपी के बहाने ही सही, अपनों का साथ ही सबसे बड़ी दवा है। или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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1. वृंदा का प्रवेश (The Emotional Entry) वृंदा भारी कदमों से वीरानी हाउस की दहलीज पर कदम रखती है। कैमरे के लेंस से घर की भव्यता और पुरानी यादें दिखाई देती हैं। वृंदा के चेहरे पर घबराहट और जिम्मेदारी का मिला-जुला भाव है। वह जानती है कि यहाँ उसका आना सिर्फ एक 'थेरेपिस्ट' के तौर पर नहीं, बल्कि उन यादों के बीच वापस आना है जिन्हें वह पीछे छोड़ आई थी। 2. फिजियोथेरेपी सत्र की शुरुआत (The Therapy Session) वृंदा, मिहिर के कमरे में पहुँचती है। मिहिर व्हीलचेयर पर या बिस्तर के सहारे बैठा है, उसकी आँखों में एक अजीब सी खामोश गुहार है। वृंदा का प्रोफेशनल बर्ताव: वह अपनी भावनाओं को दबाकर एक डॉक्टर (फिजियोथेरेपिस्ट) की तरह बात शुरू करती है। वह मिहिर के पैरों की मूवमेंट चेक करती है। मिहिर की प्रतिक्रिया: मिहिर को दर्द होता है, वह कराहता है। वृंदा रुकती है, उसकी आँखों में आँसू आते हैं, लेकिन वह तुरंत खुद को संभाल लेती है।