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सर्वसमिका गणित का एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें दो बीजीय व्यंजक हर स्थिति में समान (बराबर) होते हैं। अर्थात्, किसी भी चर (variable) का मान रखने पर दोनों पक्षों का मान सदैव समान आता है। 👉 सरल शब्दों में — जो समीकरण हर मान के लिए सही हो, वही सर्वसमिका कहलाती है। 🔹 सर्वसमिका के उदाहरण � � � 🔹 सर्वसमिका का महत्व ✔ जटिल बीजीय व्यंजकों को सरल बनाने में सहायक ✔ समीकरण हल करने में उपयोगी ✔ उच्च कक्षाओं की गणित (बीजगणित, त्रिकोणमिति) की नींव ✔ प्रतियोगी परीक्षाओं (TET, SSC, Railway आदि) में उपयोगी 🔹 सर्वसमिका के प्रकार द्विपद सर्वसमिका त्रिपद सर्वसमिका वर्ग से संबंधित सर्वसमिकाएँ घन से संबंधित सर्वसमिकाएँ ✨ निष्कर्ष सर्वसमिका गणित को आसान, तेज़ और प्रभावी बनाती है। इसकी सही समझ से गणना में समय की बचत होती है और प्रश्नों को हल करना सरल हो जाता है।