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Ramadan Ki Ek Jamat Ki Karguzari | Hazrat Ji Maulana Saad Sahab New Bayan रमज़ानुल मुबारक रहमत, मग़फिरत और निजात का महीना है। इसी मुक़द्दस महीने में दीन की मेहनत करने वाली जमातों की कर्गुज़ारी इंसान के ईमान को ताज़ा कर देती है। हज़रत जी मौलाना साद साहब का यह नया बयान एक ऐसी ही जमात की मेहनत, कुर्बानी और दावत-ए-दीन की कोशिशों पर रोशनी डालता है, जो रमज़ान में घर-घर जाकर लोगों को नमाज़, रोज़ा और दीन की तरफ बुलाती है। इस बयान में हज़रत जी ने फरमाया कि रमज़ान सिर्फ अपनी इबादत तक सीमित रहने का नाम नहीं, बल्कि दूसरों तक दीन की बात पहुँचाने का भी महीना है। जब एक जमात अल्लाह के रास्ते में निकलती है, तो वह अपनी आराम-तलब ज़िंदगी छोड़कर उम्मत की फिक्र में लग जाती है। मस्जिदों को आबाद करना, लोगों को नमाज़ की पाबंदी की दावत देना, तिलावत-ए-कुरआन और ज़िक्र की तरगीब देना—यही असली कर्गुज़ारी है। मौलाना साद साहब ने यह भी समझाया कि दीन की मेहनत में अख़लास सबसे अहम है। शोहरत या तारीफ के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए काम करना चाहिए। रमज़ान का महीना हमें सब्र, शुक्र और कुर्बानी का सबक देता है। अगर हर मुसलमान थोड़ी सी जिम्मेदारी उठा ले, तो समाज में बड़ा बदलाव आ सकता है। यह बयान हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम भी दीन की इस मेहनत में अपना हिस्सा डाल रहे हैं? आइए, इस रमज़ान में अपने दिल को बदलें, इबादत को बढ़ाएं और दावत-ए-दीन की कोशिशों में शामिल होकर अपनी आख़िरत को बेहतर बनाएं। #RamadanKiKarguzari #HazratJi #MaulanaSaadSahab #Ramzan2026 #RamzanMubarak #DeenKiMehnat #DawatEDeen #IslamicBayan #MuslimUmmah #NamazKiDawat #RozaAurNamaz #QuranTilawat #IslahEUmmah #AakhiratKiTayari #IslamicReminder #BayanSharif #MasjidAbadKaro #ImaanTazaKaro #DeeniMahol #AllahKiRaza