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श्री शांतिनाथ मण्डल विधान पूजन - प्रतिष्ठाचार्य ब्र. सूरजमल जैन श्री महावीर जैन मंदिर सिविल लाइन्स जयपुर 17 Nov 2023 Download vidhan PDF - https://frontdesk.co.in/wp-content/up... स्थापना आवो आवो नाथ मेरे तिष्ट इस शुभ मंडले । संसार बन्धन तोड़ने को बैठिये हृदये भले | नाम शान्तिनाथ है शुभ शान्ति के दाता सदा । हे नाथ हम पूजें चरण तव होत याते भव विदा || ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथ सर्व कर्म बन्धन बिमुक्त सकल शान्तिकम् सम्पूर्णोत्तम हे पंचम चक्रेश्वर अत्रावतरावतर संवौषठ इत्याह्वान । ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथ सर्व कर्म बन्धन विमुक्त सम्पूर्णोत्तम मंगलप्रद है द्वादश कामदेवेन्द्र अत्र तिष्ट तिष्ट ठः ठः स्थापनं | ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथ सर्व कर्म बन्धन विमुक्त सम्पूर्णोत्तम मंगलप्रद हे षोडषोत्तम तीर्थकर अत्र मम सन्निहितो भव भव वषट सन्निधिकरणं । अथाष्टकं जो स्वर्ण भृंग भराय जल से पूजते जिन चरण को । राज्य सम्पत्त मेट जामन मरण को ॥ श्री शाँतिनाथ महान् हो प्रभु शाँति के दातार हो । तीर्थकर हो चक्रवर्ती नार शिव भरतार हो तुरत पावे ||1|| ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रौं ह्रः जगदापद्विनाशनाय ह्रीं शांतिनाथाय जन्म जरा मृत्यु विनाशनाय जलं निर्वपामीति स्वाहा । कर्पूर कुंकुम शुद्ध चन्दन चर्चते पद युगल को । प्राप्त होय सुगन्ध देही सेव सुरि पद कमल को ॥ श्री शाँतिनाथ महान हो प्रभु शाँति के दातार हो । तीर्थकर हो चक्रवर्ती नार शिव भरतार हो ||२|| ॐ भ्रां भ्रीं भ्रूं भ्रौं भ्रः जगदापद्विनाशनाय ह्रीं शाँतिनाथाय संसार ताप विनाशनाय चंदनं निर्वपामीति स्वाहा | https://frontdesk.co.in/jainism/%e0%a...