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Hari Bahar Na Milihen | हरि बाहर ना मिलिहें | जागृति देने वाला भोजपुरी भजन | Spiritual Bhajan 2026 🙏 हरि बाहर ना मिलिहें… हरि बसलें मन ही में… यह भोजपुरी भजन हमें यह सिखाता है कि उपवास, पूजा-पाठ, तीर्थ यात्रा और बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि मन की शुद्धता और गुरु कृपा से ही हरि मिलते हैं। जब तक मन निर्मल नहीं होगा, जब तक अहंकार शांत नहीं होगा, तब तक हरि नहीं मिलेंगे। यह भजन आत्म-चिंतन, भक्ति और जागरण का संदेश देता है। अगर यह भजन आपके हृदय को छू जाए तो कृपया Like ❤️, Share 🔁 और Subscribe 🔔 जरूर करें। #BhojpuriBhajan #HariBhajan #SpiritualSong #BhaktiGeet #DevotionalMusic #innerawakening 🎶 [Intro – धीमा आलाप] आऽऽ… हे राम… हे हरि… मनवा काहे भटके रे… आऽऽ… 🌿 [Chorus] रोज उपवास करा, चाहे पूजा-पाठ करा, तबहूँ ना मिलिहें हरि। हरि के ढूँढल चाहे जतना, तबहूँ ना मिलिहें हरि॥ 🌼 [Verse 1] गेरुवा पहिर चाहे बनवा में घूमऽ, भक्ति के गीत गा-गा के झूमऽ। धूप-अगरबत्ती देखावा जतना, तबहूँ ना मिलिहें हरि॥ माथे तिलक लगा, माला फेरऽ, भीतर मनवा काहे अँधेरऽ? मन शुद्ध बिना रे बंदे, कैसे मिलिहें हरि॥ 🌊 [Chorus Repeat – Soft] हरि के ढूँढल चाहे जतना, तबहूँ ना मिलिहें हरि॥ 🔥 [Verse 2] तीरथ हजार करा, पाप ना धुली, कतेक जतन करा, मन ना खुली। मनवा के भीतर झाँकऽ जरा, ओही में बसलें हरि॥ अपने मनवा के जीतऽ पहिले, अहंकार के आगि बुझावऽ धीरे। मन निर्मल होई जब तोहरा, तबही मिलिहें हरि॥ 🌸 [Verse 3 – Spiritual Turning Point] एक उपाय बाटे, ऊ अपनावऽ, हरि-हर देव से नेह लगावऽ। गुरु के चरणन में सिर झुकावऽ, ओही राहे मिलिहें हरि॥ गुरु कृपा के जोत जगाई, सोई चेतना भीतर समाई। जागी जाई जब अंतरआत्मा, तबहीं मिलिहें हरि॥ 🌟 [Final Chorus – High Emotion] रोज उपवास करा चाहे पूजा-पाठ करा, भीतर झाँकऽ जरा रे भइया। हरि बाहर ना मिलिहें तोहरा, बस बसलें मन ही मइया॥ हरि के ढूँढल चाहे जतना, तबहूँ ना मिलिहें हरि… जब ले मन निर्मल ना होई, तब ले ना मिलिहें हरि॥ 🎶 [Outro – Slow Fade] आऽऽ… मन मंदिर में जोत जला ले… ओही में बसलें हरि… ओही में बसलें हरि…