У нас вы можете посмотреть бесплатно Parivartan Sansaaraka Niyam Hai || परिवर्तन संसारका नियम है или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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आँखो से जो कुछ दिखाई देता है, वह आज अपना, कल दूसरो का, और परसों तीसरे का हो जाता है | इसलिए किसी भी चीज़ में, ममत्व नहीं रखो | एक बार एक संत ने, एक गाँव में तीन दिन का, सत्संग रखा | उस सत्संग मे, बूढ़े से लेकर जवान और बच्चे, सभी पहुँचे | दो दिन का सत्संग पूरा हुआ, और संत को पता चला, गाँव मे से एक नगर सेठ, सत्संग मे नही पहुँचा | यह सुन, समय निकाल संत, नगर सेठ के घर पहुँचे | नगर सेठ ने उन्हे, सम्मान देते हुए बिठाया, संत ने पूछा, आप दो दिन से, सत्संग में क्यूँ नहीं आए ? नगर सेठ ने उत्तर दिया, मेरे पास जो कुछ भी है, उसे संभालने हेतु, मैं कहीं भी बाहर, निकल नही सकता | यह सुन संत ने, उसे एक छोटी सी सुई, हाथ मे थमाते हुए कहा, अगर आप अपना, इतना बसाया हुआ संसार, संभाल सकते है, तो इस छोटी सी सुई को भी, आप एक दिन के लिए, अवश्य संभाल सकेंगे | नगर सेठ ने कहा, इसमे कौनसी बड़ी बात है ? यह जानकारी हमने समाचार पत्र तथा इंटनेट के माध्यम से इकठ्ठा की है। तथा यह जानकारी केवल आपके अन्दर एक नया उत्साह भरने के उद्देश्य से आपके समकक्ष रखा है। क्योंकि दोस्तों संघर्ष के रास्ते में, जब व्यक्तिका हौसला, कमजोर पड़ने लगता है, तो उस समय व्यक्तिको, ऐसी जरूरत होती है, जो की व्यक्तिको, एक बार फिर से, उठकर खड़े होने की प्रेरणा दे। इसलिए हम आपको, ऐसी ही सफल, और महान लोगों के विषय, में बताते है । जिसे आप, अपने मुश्किल समय में, अपनी ताकत बना, कर खुद को आगे बढने के लिए, प्रेरित कर सके।