У нас вы можете посмотреть бесплатно "आज़ादी नशे से भी चाहिए" – 26 जनवरी के अवसर पर स्वतंत्रता का गहरा संदेश। или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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नशा‑मुक्त नाटक विवरण • विषय: नाटक समाज में फैल रहे नशे की बुराइयों और उसके दुष्परिणामों को उजागर करता है। • प्रारंभ: कलाकार मंच पर या खुले मैदान में सामान्य जीवन के दृश्य दिखाते हैं—दोस्तों की बातचीत, परिवार का माहौल, स्कूल/कॉलेज का वातावरण। • संघर्ष: धीरे‑धीरे एक पात्र नशे की लत में फँसता है। उसके व्यवहार, पढ़ाई, और परिवारिक रिश्तों पर बुरा असर दिखाया जाता है। • संदेश: अन्य पात्र उसे समझाते हैं कि नशा केवल जीवन को बर्बाद करता है—स्वास्थ्य, करियर और रिश्ते सब प्रभावित होते हैं। • प्रस्तुति शैली: • संवाद छोटे और प्रभावशाली हों। • बीच‑बीच में नारे या गीत जो दर्शकों को जोड़ें, जैसे “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”। • दर्शकों से सीधा संवाद (इंटरैक्शन) ताकि संदेश गहराई से पहुँचे। • पराकाष्ठा: नशे में डूबा पात्र जागरूकता और सहयोग से सुधरता है। • अंत: सभी कलाकार मिलकर नारा लगाते हैं— “नशा मुक्त भारत, स्वस्थ भारत!” और दर्शकों को प्रेरित करते हैं कि वे भी समाज को नशा‑मुक्त बनाने में योगदान दें।