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: 🙏 आप सभी श्रोताओं को सादर प्रणाम 🙏 ठंडी के मौसम में जब रजाई की गर्माहट भी दिल की ठंडक दूर नहीं कर पाती, तब मन की लाचारी गीत बनकर बह निकलती है। “जड़वा के मौजल रजाईया” एक ऐसा ही मार्मिक लाचारी गीत है, जो दूर बसे अपने प्रिय की यादों और अकेलेपन के दर्द को बयां करता है। रजाई ओढ़े बैठी नारी और दूर बसे उसके साजन का यह दृश्य हर देहाती दिल को छू जाएगा। 🎵 लाचारी गीत 🎤 स्वर – मनीषा यादव 🌾 देहाती गीत | भोजपुरी गीत | अवधि गीत यह गीत सर्द रातों की खामोशी, इंतज़ार और प्रेम की सच्ची भावना को दर्शाता है। अगर दिल से जुड़ा गीत पसंद आए तो लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें ❤️ 🙏 आप सभी का प्यार ही हमारी ताक़त है 🙏