У нас вы можете посмотреть бесплатно 🌺🌺Closing Ceremony Of NSS Camp🌺🌺 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
आज दिनांक 20 फरवरी 2026 को गोकुलदास हिंदू गर्ल्स महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईओ द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर में सातवां दिवस सामाजिक विघटन एवं वृद्धजन संकल्प के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रतिदिन की भांति प्रार्थना ,लक्ष्य गीत एवं योगाभ्यास से हुआ। मुख्य अतिथि एवं प्राचार्या द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में स्वयं सेविकाओं ने घर घर जाकर बस्ती के लोगों को वृद्धजन सम्मान के लिए प्रेरित किया जिससे सामाजिक विघटन को रोका जा सकें तत्पश्चात प्राचार्या प्रो चारू मेहरोत्रा ने स्वयंसेविकाओं तथा बस्ती के लोगों को बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर बुज़ुर्गों की आबादी वर्ष 1980 की तुलना में लगभग 260 मिलियन से बढ़कर वर्ष 2021 में 761 मिलियन हो गई है, अनुमानतः यह वर्ष 2021 में 10% से बढ़कर 2050 तक लगभग 17% हो जाएगी।वृद्धावस्था से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों के संबंध में जन जागरूकता पर जोर देना बहुत जरूरी है तथा चुनौतियों का सामना कर रहे वृद्धजनों की सहायता के लिए सामुदायिक संगठनों, परिवारों और हितधारकों को संगठित करना है।बुज़ुर्ग आबादी किसी भी समाज के लिए एक मूल्यवान संपत्ति है। उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो अवसर और चुनौतियाँ दोनों लेकर आती है।जीवन प्रत्याशा में वृद्धि, संयुक्त परिवार संरचनाओं में गिरावट और सामाजिक विघटन के संयोजन ने वृद्ध व्यक्तियों को अकेलेपन और असावधानी का अनुभव कराया है। यह अनुशंसा की जाती है कि वृद्ध लोग शारीरिक गतिविधि में शामिल होकर, पौष्टिक आहार का सेवन करके और तंबाकू, शराब और अन्य हानिकारक पदार्थों से परहेज करके स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखें। बाद के वर्षों में जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक मानसिकता और मानसिक स्वास्थ्य आवश्यक है साथ ही ये हम सब का कर्तव्य हैं कि हम बुजुर्गो को वही सम्मान दे जिसके वो हकदार हैं। इस अवसर पर प्रो. अपर्णा जोशी एवं प्रो. अंचल गुप्ता, प्रो. करुणा आनंद ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के तृतीय सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत की प्रस्तुति की गई । साथ ही मारिया के द्वारा 7 दिवसीय कार्यक्रम की आख्या पढ़ी गई। तत्पश्चात सप्ताह भर स्वयं सेविकाओं द्वारा बस्ती के बच्चों एवं बालिकाओं जो कौशलता का विकास किया गया, उन सब की प्रस्तुति की गई। मुख्य अतिथि नगर पुलिस अधीक्षक कुँवर रणविजय सिंह ने स्वयं सेविकाओं के कार्य की सराहना की और बस्ती के लोगों एवं स्वयं सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी के सहयोग से ही वृद्धजनों का सम्मान कर समाज को विघटित होने से रोक सकते हैं। समाज- सेवा के माध्यम से ही स्वयंसेविकाएँ देशहित में कार्य कर सकती हैं। मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर गूगल, मोबाइल, चैट जीपीटी आदि के माध्यम से हो रहे सामाजिक अपघटन पर अपनी चिंता जाहिर करने के साथ ही वर्तमान पीढ़ी को अनुशासित और संस्कारित होने की बात कही। सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्राओं का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सात दिवसीय शिविर में विविध गतिविधियों में प्रतिभाग करने वाली छात्राओं को प्राचार्या एवं मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम अधिकारी डॉ सविता अग्रवाल तथा श्री मति शिवानी गुप्ता द्वारा किया गया।शिविर में महाविद्यालय की मुख्य अनुशासिका प्रो किरण साहू, प्रो मीनाक्षी शर्मा, प्रो किरण त्रिपाठी, प्रो अनुराधा सिंह, प्रो सीमा अग्रवाल, प्रो. इंदू सिंह राजपूत, डॉ प्रीति पांडे, डॉ रेनू शर्मा तथा समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। शिविर में मारिया, खुशी, गुनगुन, नेहा अख्तर, पलक, कृष्णा, फौजिया तथा सभी स्वयंसेविकाओं ने पूर्ण सहयोग दिया।