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Song : आव खींआहीं तुहके लखनऊ के कबाब Lyrics : Dhananjay Sahani Composer : Dhananjay Sahani शाम ढले जब शहर सजेला रोशनी हर ओर चमकेला हवा में खुशबू घुल जाला दिलवा धीरे धड़केला नजरिया जब तुमसे टकराए सांस भी ठहर जाए लखनऊ के ई नजारा दिलवा के बहकाए आवखीं आहीं तुहके लखनऊ के कबाब दिलवा में भर जाई तुहरे हजार ख्वाब नजरिया से जादू करेलू जनाब दिलवा हो जाला पूरा बेकाबू जनाब आवखीं आहीं तुहके लखनऊ के कबाब दिलवा में भर जाई तुहरे हजार ख्वाब चौक बजार के रोशनी रात के रंग दिखावे तू जइसे ही पास आवेलू दिलवा मुस्कावे चाल तोहार नजाकत वाली जइसे कोई ग़ज़ल एक नजर जब डालेलू दिलवा हो जाला घायल आवखीं आहीं तुहके लखनऊ के कबाब दिलवा में भर जाई तुहरे हजार ख्वाब नजरिया से जादू करेलू जनाब दिलवा हो जाला बेकाबू जनाब हवा में इश्क के खुशबू हर गली महके तू साथे चलs त दिलवा धीरे बहके हँसी तोहार मीठा लागे जइसे शहद के स्वाद एक पल संग बित जाए बन जाला याद रात सुहानी, चाँद जवानी दिलवा करे अरमान एक मुस्कान दे द बन जाई नई दास्तान आवखीं आहीं तुहके लखनऊ के कबाब दिलवा में भर जाई तुहरे हजार ख्वाब नजरिया से जादू करेलू जनाब दिलवा हो जाला बेकाबू जनाब