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"शम्भ्रासुर को अपने राज गुरु के प्राण त्याग देने से बहुत दुःख होता है और वह सोच में पड़ जाता है की प्रद्युम्न कहीं सच में कृष्ण का वही पुत्र तो नहीं है जिसे उसने समुद्र में फेंक दिया था जब शम्भ्रासुर की पत्नी से वह इस बारे में बात करता है त उसे यक़ीन हो जाता है की प्रद्युम्न ही कृष्ण का पुत्र है जिसे उसने अपनी माया से मेरे ही राज्य में मेरे ही महल में भेज दिया। शम्भ्रासुर अपोने दैत्य विकटासुर को प्रद्युम्न को मारने के लिए भेजता है और अपने सैनिकों को आदेश देता है की भानामती को ढूँढकर बंदी बनाकर उसके पास लेकर आए। भानामती प्रद्युम्न को अपनी रसायन विद्या से बड़ा बना देती है। ब्रह्मा जी प्रद्युम्न को ज्ञान प्रदान करते हैं। यक्ष देवता गंधर्व देवता और नाग देवता प्रद्युम्न को आशीर्वाद देकर चले जाते हैं। भानामती प्रद्युम्न की गुरु बन कर उसे सारी मायावी विद्या का ज्ञान देने की तैयारी करती हैं। देवी रति कामदेव के बड़े हो जाने पर बहुत प्रसन्न हो जाती है और प्रद्युम्न के पास उनसे मिलने चली जाती है। रति प्रद्युम्न को अपने साथ स्वर्ग में अपने महल में ले जाती है और प्रद्युम्न को याद दिलाती है की वह कामदेव हैं। कामदेव को सब याद आ जाता है दोनों एक दूसरे मिलकर बहुत खुश होते हैं। भानामती को जब प्रद्युम्न नहीं मिलता तो वह बेचैन होकर उसे ढूँढने के लिए इधर उधार घूमती है। भानामती को चिंतित देख रुक्मिणी वहाँ प्रकट हो कर प्रद्युम्न के बारे में बताती है की वह देवी रति के साथ देव लोक में गये हैं। प्रद्युम्न और रति दोनों नृत्य करते हैं और गीत गाते हैं और एक दूसरे के साथ होने की ख़ुशी बनाते हैं। श्रीकृष्णा, रामानंद सागर द्वारा निर्देशित एक भारतीय टेलीविजन धारावाहिक है। मूल रूप से इस श्रृंखला का दूरदर्शन पर साप्ताहिक प्रसारण किया जाता था। यह धारावाहिक कृष्ण के जीवन से सम्बंधित कहानियों पर आधारित है। गर्ग संहिता , पद्म पुराण , ब्रह्मवैवर्त पुराण अग्नि पुराण, हरिवंश पुराण , महाभारत , भागवत पुराण , भगवद्गीता आदि पर बना धारावाहिक है सीरियल की पटकथा, स्क्रिप्ट एवं काव्य में बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विष्णु विराट जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे सर्वप्रथम दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर प्रसारित 1993 को किया गया था जो 1996 तक चला, 221 एपिसोड का यह धारावाहिक बाद में दूरदर्शन के डीडी नेशनल पर टेलीकास्ट हुआ, रामायण व महाभारत के बाद इसने टी आर पी के मामले में इसने दोनों धारावाहिकों को पीछे छोड़ दिया था,इसका पुनः जनता की मांग पर प्रसारण कोरोना महामारी 2020 में लॉकडाउन के दौरान रामायण श्रृंखला समाप्त होने के बाद ०३ मई से डीडी नेशनल पर किया जा रहा है, TRP के मामले में २१ वें हफ्ते तक यह सीरियल नम्बर १ पर कायम रहा। In association with Divo - our YouTube Partner #shreekrishna #shreekrishnakatha #krishna #mahaepisode