У нас вы можете посмотреть бесплатно पटना में दवा, उपचार, जीवनशैली और शोध पर देश-विदेश के चिकित्सकों ने किया मंथन или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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देशभर के वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सकों का चार दिवसीय राष्ट्रीय महासम्मेलन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया एपिकॉन 2026 का शुभारंभ गुरुवार को पटना में हुआ। सम्मेलन के पहले दिन दवाओं, विभिन्न बीमारियों के आधुनिक उपचार, जीवनशैली जनित रोगों, तनाव प्रबंधन, योग तथा नवीन चिकित्सकीय शोधों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस वैज्ञानिक और अकादमिक आयोजन में हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, मस्तिष्क रोग, डर्मेटोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी सहित आंतरिक चिकित्सा के विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने शोध अनुभव और उपचार पद्धतियों को साझा किया। बापू सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह का विधिवत उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान तीनों अतिथियों ने वरिष्ठ चिकित्सकों की पुस्तकों का विमोचन भी किया और उनका उत्साह बढ़ाया। ज्ञान भवन में चले तकनीकी सत्र इससे पूर्व गुरुवार सुबह आठ बजे ज्ञान भवन में तकनीकी सत्रों का शुभारंभ किया गया। इन सत्रों का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. रोहिणी हांडा, सम्मेलन संयोजक डॉ. (प्रो.) कमलेश तिवारी, डॉ. कामेश्वर प्रसाद तथा डॉ. (प्रो.) बी.बी. ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पहले दिन ज्ञान भवन में सीएमई के लगभग 70 सत्र आयोजित किए गए, जबकि पीएमसीएच में मेडिकल छात्रों के लिए 16 वर्कशॉप सत्रों का आयोजन हुआ। इन सत्रों में देशभर से आए 250 से अधिक चिकित्सकों ने व्याख्यान दिए और नवीनतम चिकित्सा शोधों की जानकारी साझा की। पीएमसीएच में मेडिकल छात्रों के लिए विशेष वर्कशॉप एपिकॉन 2026 के पहले दिन पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में मेडिकल छात्रों के लिए विशेष वर्कशॉप आयोजित किए गए। 16 सत्रों में छात्रों को आधुनिक इलाज तकनीकों, नई दवाओं, डायग्नोस्टिक टूल्स और क्लिनिकल प्रैक्टिस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। वर्कशॉप में देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों में डॉ. दीपक तलवार, डॉ. एन.के. सिंह, डॉ. (प्रो.) मनमोहन मेहनदीरत्ता और डॉ. रंजन कुमार ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया। डॉ. दीपक तलवार ने स्वास्थ्य समस्याओं पर किए जा रहे नवीन शोध, चिकित्सकीय अनुभवों तथा नई दवाओं और उनके प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. एन.के. सिंह ने इलाज के साथ जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता, नई दवाओं पर हो रहे शोध और रोग निवारण की रणनीतियों पर चर्चा की। डॉ. (प्रो.) मनमोहन मेहनदीरत्ता ने अपने व्याख्यान में तनाव के कारणों, मानसिक स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव, योग की भूमिका तथा स्ट्रोक के आधुनिक उपचार तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव कई गंभीर बीमारियों की जड़ बनता जा रहा है, जिसे योग और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉ. रंजन कुमार ने मेडिकल छात्र-छात्राओं को ईसीजी और ईको कार्डियोलॉजी की बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान हृदय रोगों के उपचार का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया, जिससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। साथ ही उन्होंने नई दवाओं, जीवनशैली में बदलाव तथा दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की।