У нас вы можете посмотреть бесплатно Gauri Gosavi जन्मशताब्दी वर्षानिमित्त "सद्गुरु श्री वामनराव पै" यांना गौरी गोसावीची गीतातून मानवंदना или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
गीत : स्मरण करू हो स्मरण करू गुरुरायांचे स्मरण करू गीतकार : श्री प्रवीण दवणे संगीतकार : श्री दीपक पाटेकर गायिका : कुमारी गौरी गोसावी संवादिनी : श्री रवींद्र पंडित तबला : श्री यजुवेंद्र बांदकर मृदुंग : हर्षद मेस्त्री टाळ : मंदार पांचाळ स्मरण करू हो स्मरण करू | गुरुरायांचे स्मरण करू | करुनी नेटका प्रपंच सुंदर, परमार्थाची कास धरू | जीवन विद्या जाणून घेऊन, सुख शांतीचा कलश भरू || धृ || सगुण रूपातून ईश्वरा दिसला, सद्गुरूंच्या या ठाई | स्वरूपाचा मज वेध लागला, सद्गुरूंच्या या पायी | गुरु ज्ञानाच्या नावेतून या, भवगंगा ही पार करू | स्मरण करू हो स्मरण करू, गुरुरायांचे स्मरण करू || १ || प्रपंच करूनी नेकपणाने, मुक्ती साधा आपुली | संतती, संपत्ती, संगती, ईश्वर, आरोग्य अमृत बोली | पंचशील हे सुखी जीवनाचे या, जीवनाची कास धरू | स्मरण करू हो स्मरण करू, गुरुरायांचे स्मरण करू || २ || हवेचआम्हाआत्मज्ञान हे, झेप ही विज्ञानाची | दोन पंख हे या राष्ट्राचे, साथ हवी जिद्दीची | अखिल जगातून संस्कृती ध्वज हा, अभिमानाने उंच धरू | स्मरण करू हो स्मरण करू, गुरुरायांचे स्मरण करू || ३ ||