У нас вы можете посмотреть бесплатно खेती में नवाचार सीखें/Innovation in agriculture//नकदी फसलों से आय बढ़ाएं//खेती की वैज्ञानिक विधि// или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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1. खेती में मिट्टी परीक्षण सबसे आवश्यक कार्य है इसे रवि फसल की कटाई के बाद प्रति 2वर्ष में करें। 2.पारंपरिक खेती की फसलों में सीमित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। 3. खेत की भौगोलिक स्थिति समझकर व्यावसायिक फसलों पर अपना झुकाव बनाए। 4. मेढ़ को थोड़ा चौड़ा करके उसे ओपन स्टैंडिंग लेयर(खुली खड़ी परत) में विभाजित कर 6 प्रकार की फसलों को लगाकर व्यावसायिक उपयोग करें। 5. बुंदेलखंड में खरपतवार के रूप में पाई जाने वाली झरबेरी(जरिया) में बडिंग कर एप्पल बेर के पौधे तैयार कर व्यावसायिक उपयोग करें। 6. सागौन लगाकर भविष्य की बैंक निधि के रूप में उपयोग करें। 7. सीताफल को कोई भी जानवर नहीं खाता, इसलिए खुली पड़ी खाली मेढ़ो पर इसके पौधों का रोपण कर व्यावसायिक रूप में उपयोग करें। 8. सिक्स ओपन स्टैंडिंग लेयर (छः खुली पड़ी परत) में पहली परत में सागौन, दूसरी में झरबेरी से बनाया एप्पल बेर, तीसरी परत में मुनगा(सहजन), चौथी परत में सीताफल, पांचवीं परत में एप्पल बेरी के नीचे परोडा(कंटोला) व छठवीं परत में गेंदा फूल की फसल ले सकते हैं। 9. खेत पर अपनी फसलों की देख रेख अपने स्वयं के विवेक से करें जैसे कि अगर माहू या इल्ली लगी है तो मात्र उसी दवा का छिड़काव करें। किसी भी प्रकार के टॉनिक या पौधों को बढ़ाने वाले तत्व आदि का बेवजह छिड़काव कर अपनी आमदनी बर्बाद ना करें।