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🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #shivratri #shivratrispecial #lordshiva #mantra #shivoham #अध्यात्म #spirituality वीडियो जानकारी: 08.03.24, महाशिवरात्रि विशेष सत्र, ग्रेटर नोएडा Title : निर्वाण षट्कम्: शिवोहम का वास्तविक अर्थ || आचार्य प्रशांत, महाशिवरात्रि पर (2024) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी शिवोहम, निर्वाण षट्कम् और शिवत्व पर चर्चा कर रहे हैं। वे बताते हैं कि मन, बुद्धि, अहंकार और इंद्रियाँ हमारा वास्तविक स्वरूप नहीं हैं, असली पहचान शुद्ध चेतना है। आचार्य जी समझाते हैं कि जीवन में प्रेम, शुद्धता और सही चुनाव ही सच्चा अध्यात्म है। महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भीतर की जागृति का अवसर है। आचार्य जी ने निर्वाण षट्कम के श्लोकों का उल्लेख किया, जो यह बताते हैं कि हमें उन चीजों को नकारना चाहिए जो हमारे वास्तविक स्वरूप से हमें दूर करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भौतिक वस्तुओं को अधिक महत्व नहीं देना चाहिए, क्योंकि ये केवल साधन हैं, जबकि असली मंजिल आत्मा की शुद्धता है। मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे । न च व्योमभूमि- र्न तेजो न वायुः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् ।। न च प्राणसंज्ञो न वै पञ्चवायुः न वा सप्तधातु- र्न वा पञ्चकोशाः। न वाक्पाणिपादं न चोपस्थपायू चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्।। न मे द्वेषरागौ न मे लोभ मोहौ मदो नैव मे नैव मात्सर्यभावः। न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् ।। न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दुःखम् न मंत्रो न तीर्थ न वेदा न यज्ञाः। अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् ।। न मे मृत्युशंका न मे जातिभेदः पिता नैव मे नैव माता न जन्म । न बन्धुर्न मित्रं गुरुर्नैव शिष्यः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् ।। अहं निर्विकल्पो निराकाररूपः विभुर्व्याप्य सर्वत्र सर्वेन्द्रियाणाम् । सदा मे समत्वं न मुक्तिर्न बन्धः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् ।। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~