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singer - Naveen Punia music - Ajesh Kumar writer - Dada Jagan nath ager acha lage to share kerna ji मरज मरज इसी चीज होया करै ज़िसकै एक बार लगजया आदमी कदे भी नहीं उभर सकता चाहे कितने ज़तन करले भगती एक इसी चीज है जो हर बीमारी नै मारै है , इस भजन मैं बताया है भगती करकै अपनी जीवन नैया क्युकर पार कर सका सां ज़िस्कै मरज बैठ जया दिल पै , ना उसकै कोए दवाई लागै ना अपण्या की मान्या करता , ज़िस्कै सिख पराई लागै कौन जो मन की मेट भुख दे , पल मैं ग्लया दूर थुकदे बुरे काम मैं लाख फुक दे , पुन मैं ना एक पाई लागै घणे भाग हों मानस के जब आच्छी जगह कमाई लागै ज़िस्कै मरज बैठ जया दिल पै , ना उसकै कोए दवाई लागै ना अपण्या की मान्या करता , ज़िस्कै सिख पराई लागै चकर न्यारा न्यारा चलता , ना मानश का चारा चलता किसेका तो न्ही गुजारा चलता , किसे के धन कै काई लागै कोए कोए करै मोज किसेनै योहे जीवन दुखदाई लागै ज़िस्कै मरज बैठ जया दिल पै , ना उसकै कोए दवाई लागै ना अपण्या की मान्या करता , ज़िस्कै सिख पराई लागै बणजया देखंण लायक नजारे , भोत से इसे चकर मैं आरे ये गैर बणै सै प्यारे दुसमन माँ का जाया भाई लागै माँ बापा नै दूर बीठादे ,य़ा घर मैं लूगाई लागै ज़िस्कै मरज बैठ जया दिल पै , ना उसकै कोए दवाई लागै ना अपण्या की मान्या करता , ज़िस्कै सिख पराई लागै मुश्किल होरी समजदार नै , इज्ज़त मिलरी चोर जार नै बणे तुरत के सहुकार नै , य़ा सभतै घणी अघाई लागै किसे किसे कै धन का तोडा किसे कै धन कै काई लागै ज़िस्कै मरज बैठ जया दिल पै , ना उसकै कोए दवाई लागै ना अपण्या की मान्या करता , ज़िस्कै सिख पराई लागै बहोत से गए देख अगत नै , भोत से रोवै सै किस्मत नै गुरु राम भगत नै बात तेरे तै , श्री जगंन्नाथ समझाई लागै कितना भला करे जा जग मैं , य़ा आखर हाथ बुराई लागै ज़िस्कै मरज बैठ जया दिल पै , ना उसकै कोए दवाई लागै ना अपण्या की मान्या करता , ज़िस्कै सिख पराई लागै