У нас вы можете посмотреть бесплатно हिन्दी भाषा की उपभाषाएं व बोलियां ! или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
#shimaanya #education #hindilanguage #hindi_basha_ki_upbhashaye_boliya this video for all students and competitive exams #uksssc #uksssc #vdoexam #vpdo2025 #sscgd #agniveer #indainarmy - हिन्दी भाषा का क्षेत्र बहुत व्यापक है। इसे मुख्य रूप से 5 उपभाषाओं और 17 बोलियों में विभाजित किया गया है। जॉर्ज ग्रियर्सन ने सबसे पहले इनका वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रस्तुत किया था। यहाँ हिन्दी की उपभाषाओं और उनकी प्रमुख बोलियों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. पश्चिमी हिन्दी (Western Hindi) इसका विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। यह हिन्दी की सबसे महत्वपूर्ण उपभाषा है। ब्रजभाषा: मुख्य रूप से मथुरा, आगरा और अलीगढ़ में बोली जाती है। यह मध्यकाल में काव्य की प्रमुख भाषा थी। खड़ी बोली (कौरवी): यह आधुनिक मानक हिन्दी का आधार है। यह दिल्ली, मेरठ और बिजनौर के आसपास बोली जाती है। हरियाणवी (बांगरू): हरियाणा और दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में बोली जाती है। कन्नौजी: कानपुर और फर्रुखाबाद के आसपास बोली जाती है। बुंदेली: झाँसी, ग्वालियर और बुंदेलखंड क्षेत्र की बोली है। 2. पूर्वी हिन्दी (Eastern Hindi) इसका विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है। अवधी: अयोध्या, लखनऊ और इलाहाबाद के क्षेत्रों में बोली जाती है। (तुलसीदास की 'रामचरितमानस' इसी में है)। बघेली: रीवा और मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में प्रचलित है। छत्तीसगढ़ी: मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ राज्य में बोली जाती है। 3. राजस्थानी हिन्दी (Rajasthani Hindi) इसका विकास भी शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। मारवाड़ी: पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर, बीकानेर)। जयपुरी (ढूँढाड़ी): पूर्वी राजस्थान (जयपुर)। मेवाती: उत्तरी राजस्थान। मालवी: दक्षिणी राजस्थान और मालवा क्षेत्र। 4. पहाड़ी हिन्दी (Pahari Hindi) इसका विकास खस अपभ्रंश (कुछ विद्वान शौरसेनी मानते हैं) से हुआ है। कुमाऊँनी: उत्तराखंड के अल्मोड़ा और नैनीताल क्षेत्र में। गढ़वाली: उत्तराखंड के टिहरी, पौड़ी और चमोली क्षेत्र में। नेपाली: कुछ क्षेत्रों में इसे भी पहाड़ी हिन्दी के अंतर्गत माना जाता है। 5. बिहारी हिन्दी (Bihari Hindi) इसका विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ है। भोजपुरी: हिन्दी की सबसे अधिक बोली जाने वाली बोली। यह पूर्वी यूपी और बिहार (बनारस, बलिया, पटना) में बोली जाती है। मैथिली: बिहार के मिथिला क्षेत्र में। (यह संविधान की 8वीं अनुसूची में भी शामिल है)। मगही: गया और पटना के आसपास के क्षेत्रों में। #शिमान्य 🕉️🙏