У нас вы можете посмотреть бесплатно यूरेनियम में निवेश: 2026 में सप्लाई का भारी संकट और न्यूक्लियर एनर्जी की बड़ी दौड़ или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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क्या आप 2026 के सबसे बड़े कमोडिटी बूम के लिए तैयार हैं? यूरेनियम बाजार में एक ऐतिहासिक सप्लाई शॉक आया है और कीमतें आसमान छूने वाली हैं। अगर आप शेयर बाजार में मल्टीबैगर रिटर्न की तलाश में हैं, तो यह वीडियो आपके लिए ही है। ☢️ न्यूक्लियर एनर्जी की नई क्रांति और यूरेनियम का संकट ☢️ साल 2026 यूरेनियम निवेशकों के लिए एक निर्णायक वर्ष साबित हो रहा है। दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम उत्पादक, कजाकिस्तान की कंपनी काज़ातोमप्रोम (Kazatomprom) ने अपनी उत्पादन रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने 2026 के लिए अपने उत्पादन में 10% की कटौती की घोषणा की है, जिससे वैश्विक बाजार में यूरेनियम की भारी कमी हो गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका और अन्य बड़े वित्तीय संस्थानों ने भविष्यवाणी की है कि 2026 के अंत तक यूरेनियम की कीमतें $130 प्रति पाउंड तक पहुंच सकती हैं। यह मौजूदा स्तर से लगभग 50% की बढ़त है। इसके अलावा, नाइजर में भू-राजनीतिक तनाव और रूस पर प्रतिबंधों के कारण भी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह "परफेक्ट स्टॉर्म" निवेशकों के लिए एक दुर्लभ अवसर है। 🇮🇳 भारत की परमाणु शक्ति और SHANTI बिल 2025 🇮🇳 भारत सरकार ने हाल ही में ऐतिहासिक 'SHANTI बिल' (Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India) पास किया है। इस बिल ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश का रास्ता साफ कर दिया है। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पावर, टाटा पावर और JSW एनर्जी जैसी दिग्गज कंपनियां भारत के 'भारत स्मॉल रिएक्टर्स' (BSR) टेंडर में हिस्सा ले रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करना है। यह नीतिगत बदलाव भारतीय पावर सेक्टर के स्टॉक्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। हम इस वीडियो में विस्तार से चर्चा करेंगे कि कौन सी भारतीय कंपनियां इस दौड़ में सबसे आगे हैं और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं। ⚡ AI और डेटा सेंटर्स की भूख ⚡ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स की बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। टेक जायंट्स को 24/7 बिजली चाहिए, जो केवल विंड और सोलर से पूरी नहीं हो सकती। इसलिए, दुनिया भर में न्यूक्लियर एनर्जी की मांग बढ़ रही है। यह यूरेनियम की मांग के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है जो मंदी से भी प्रभावित नहीं होगा। 💰 निवेश कैसे करें? 💰 भारतीय निवेशकों के लिए यूरेनियम में निवेश करना थोड़ा पेचीदा हो सकता है क्योंकि हम सीधे कमोडिटी नहीं खरीद सकते। लेकिन चिंता न करें, इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि आप LRS स्कीम के जरिए अमेरिका में लिस्टेड यूरेनियम ETFs जैसे Global X Uranium ETF (URA) और Sprott Uranium Miners ETF (URNM) में कैसे निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, हम भारत में उपलब्ध 'ICICI Prudential Strategic Metal and Energy Equity FoF' जैसे म्यूचुअल फंड्स का भी विश्लेषण करेंगे जो आपको इस थीम में एक्सपोजर दे सकते हैं। साथ ही, हम उन भारतीय पावर स्टॉक्स पर भी नज़र डालेंगे जो न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में बड़ी बोली लगा रहे हैं। 🔔 शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट की ऐसी ही धमाकेदार खबरों और विश्लेषण के लिए अभी सब्सक्राइब करें! Visit our website: https://paisaforever.com/hin/ ⚠️ वित्तीय अस्वीकरण इस वीडियो में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और मनोरंजन के उद्देश्य से है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। मैं सेबी (SEBI) पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं हूं। यूरेनियम और शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है और इसमें पूंजी का नुकसान भी संभव है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें और अपनी स्वयं की रिसर्च जरूर करें। #UraniumInvesting #NuclearEnergy #StockMarketHindi #ShareMarket2026 #AdaniPower #TataPower #SHANTIBill #CommodityTrading #Kazatomprom #UraniumPrice #MultibaggerStocks #InvestmentTips #PassiveIncome #IndiaInvesting #Nifty50