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5 फरवरी 2026 इस परिवर्तन की बेला में दया पाने का अधिकारी कौन? बाबा जयगुरुदेव जी महाराज। सायं_कालीन सत्संग । #जयगुरुदेव_आवाज़ ।। जयगुरुदेव नाम प्रभु का ।। कलियुग जा रहा है, सतयुग आ रहा है ।। अंग्रेजियत छोड़िए, भारतीयता अपनाइए ।। सभी संगत के प्रेमी जन ध्यान दें - ५ फरवरी २०२६, सतगुरु धाम नैमिषारण्य से परम पूज्य स्वामीजी महाराज के आदेशानुसार - सभी आश्रमों में सुबह - शाम सतगुरु के वचनों की पुनरावृत्ति होगी। स्वामीजी महाराज ने अब तक जितने आध्यात्मिक लौकिक पारलौकिक सत्संग जीवों के हित में फरमाए हैं, उसको कैसेटों के माध्यम से चलाकर पुनरावृत्ति की जाएगी। सतगुरु धाम, ज्ञान आश्रम, दयाल आश्रम, नया आश्रम इत्यादि सभी आश्रमों से ये सत्संग कार्यक्रम प्रारंभ होगा । समय बहुत खराब है। इस नाजुक समय से हम सबको सतगुरु दयाल के वचन ही बचाएंगे। इसलिए गुरु वचनों को सदैव याद रखना चाहिए। वचन याद रहेंगे तो काल माया हमारा कोई अहित नहीं कर पायेगी । वचनों की पुनरावृत्ति कराने के लिए अब से देश के समस्त आश्रमों में दैनिक, साप्ताहिक या मासिक सतसंगों में सतगुरु दयाल के पुराने कैसेटों को चलवाएं एवं वचनों को जीवन में उतारें। स्वामीजी महाराज का बहुत पहले से आदेश है - साप्ताहिक सत्संग का। हर जिले, तहसील, ब्लॉक और गांवों के प्रेमी अपने निकट सुनिश्चित स्थान पर साप्ताहिक सत्संग में उपस्थित होकर सत्संग वचनों को सुनें, गुने, धुनें। तत्पश्चात एक छोटी सी प्रार्थना करके सुमिरन ध्यान भजन करें । उसके बाद आरती नाम ध्वनि करके साप्ताहिक सत्संग का समापन करें। ये आदेश बहुत पहले से चला आ रहा है, और इस आदेश को सबको अमल में लाना चाहिए। संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। बुरे समय में सभी प्रेमी संगठित होकर सत्संग करें, भजन करें एवं जो सेवा बन पड़े तो सेवा करें। अगर आप सतगुरु दयाल से, गुरु दरबार से, गुरु परिवार से अलग हो जाएंगे तो आपकी रक्षा कैसे होगी? अतः देश विदेश के सभी प्रेमियों से प्रार्थना है कि प्रतिदिन अपने घरों में सतगुरु के वचनों का कैसेट चलाएं । साप्ताहिक सतसंगों में शामिल होइए। परिवार का एक सदस्य महीने की पूर्णमासी को गुरु दरबार में हाजिरी जरूर लगाएं । ये सब बुरे समय से बचने के उपाय हैं। आप सभी प्रेमी जन इस पर अमल कीजिए । जयगुरुदेव नाम प्रभु का #जयगुरुदेव_आवाज़