У нас вы можете посмотреть бесплатно मैं रुस्सां तां कैं दर वस्सां | Rus Na Kar Dilbar | Punjabi Sufi Qawwali | ओ… रे दिलबर или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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💔 ओ… रे दिलबर… रुस ना कर… मैं तैंनूं छड्डां ना… 💔 हाय रे इश्क़! यार रुट्ठा तो दिल मर जावे... यह पंजाबी-हिंदी सूफी कव्वाली "मैं रुस्सां तां कैं" वफ़ा, गुलामी और इश्क़ की कसम की कहानी है। 👍 लाइक, कमेंट, सब्सक्राइब! 👍 Like, Comment, Subscribe! #RusNaKar #SufiQawwali #MainRussanTaKain #Dilbar #PunjabiSufi #VafaaNibhaave #IshqDiKasam #YaarRutha #GulaamIshq #TablaQawwali #HindiPunjabi #SufiVafaa #NewQawwali2026 #SufiMehfil #HarmoniumEsraj #TaanPower #WafaaIbaadat #ViralPunjabi #IshqTrue #DilDiDori आ… ओ साक़ी… तेरी चश्म-ए-मस्त का जादू… आह्ह… [मुखड़ा (Call & Response – Claps Start Slow)] [Lead:] दिखा कर मुझ को चश्म-ए-मस्त मस्ताना बना डाला… [Chorus (Claps):] मस्ताना बना डाला… दीवाना बना डाला… [Lead:] पिला कर आज साक़ी तू ने दीवाना बना डाला… [Full Chorus (Stronger):] दीवाना बना डाला… दीवाना बना डाला… क़ियाम-ए-याद ख़ूबाँ को तरक़्क़ी दे ख़ुदा उस ने मिरे उजड़े हुए दिल को परी-ख़ाना बना डाला [शेर 2 दिल सद चाक मेरा था भला किस काम के क़ाबिल मगर इक शोख़ ने ले कर उसे शाना बना डाला [Chorus:] शाना बना डाला… दीवाना बना डाला… [शेर 3 ज़रर पहुँचा न मय-ख़ाने को कुछ संग-ए-हवादिस से अगर टूटी कोई बोतल तो पैमाना बना डाला [Chorus (Claps stronger):] पैमाना बना डाला… दीवाना बना डाला… [शेर 4 ग़ज़ब जादू भरी होती हैं आँखें हुस्न वालों की नज़र जिस से मिलाई उस को दीवाना बना डाला दीवाना बना डाला… ओरी ओरी साक़ी… लैला सी निगाह… मस्त मस्त अदा… दिल गया तबाह… [ शेर 5 तमन्ना वस्ल की दिल से जो निकली ये ख़याल आया कि इक आबाद घर को हाय वीराना बना डाला [Chorus:] वीराना बना डाला… दीवाना बना डाला… [शेर 6 वो मय-कश हूँ कि हर दम शीशा-ओ-साग़र है साथ अपने जहाँ बैठा वहीं पर एक मय-ख़ाना बना डाला [Chorus:] मय-ख़ाना बना डाला… दीवाना बना डाला… [शेर 7 ख़याल-ए-बादा-नोशी फ़ुर्क़त-ए-साक़ी में जब आया बनाया दिल को ख़ुम आँखों को पैमाना बना डाला [Chorus पैमाना बना डाला… दीवाना बना डाला… [अंतिम शेर ख़ुदा के फ़ज़्ल से आफ़ाक़ था फ़र्ज़ाना-ओ-आ’क़िल नवाज़िश की बुतों ने उस को दीवाना बना डाला दिखा कर मुझ को चश्म-ए-मस्त… मस्ताना बना डाला! पिला कर आज साक़ी तू ने… दीवाना बना डाला! दीवाना… दीवाना… मस्ताना… मस्ताना… दी—वा—ना… बना डाला… आ… तेरी एक नज़र ने… दीवाना बना डाला…