У нас вы можете посмотреть бесплатно भंजन सम्राट योगेश म रनमले व अभय म कुंभकर्ण उस डोंगा परी रस नव्हे डोंगा। काय भुल्लासी वरलिया रंगा !! или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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योगेश महाराज रणमले व अभय महाराज कुंभकर्ण केजकर उस डोंगा परी रस नव्हे डोंगा। काय भुल्लासी वरलिया रंगा ॥1॥ कमांड डोंगी परी तीर नोहे डोंगा। काय भुल्लासी वरलिया रंगा ॥2॥ नदी डोंगी परी जळ नव्हे डोंगें। काय भुल्लासी वरलिया रंगें ॥3॥ चोखा डोंगा पर भाव नव्हे डोंगा। काय भुल्लासी वरलिया रंगा ॥4॥ अर्थ: उस डोंगा परी रस नोहे डोंगा.डोंगा म्हेंजे वकाडा तिकाडा उस दिस्तान्ना जरी वकाडा तिकाडा दिसात असला त्याचा रस मात्रा गोडच असतो। रसाची गोदी वाकडी-टिकडी नास्ते। म्हणून आपन वरवरच्या रंगाला भूलु नये । फसू नये. रंग और आकार ह्या दोन्ही गोश्ती म्हणजे बाहेरचे आरएचईटी.ते अगादी वरवरचे स्तर आहेत. त्यालाच आपन फशी पडलो तर गभ्यातल्या मुळ तत्त्वशी आपली भेट होनार नहीं।आपले मीलन होनार नहीं। म्हणूं संत चोखा मेळा म्हणतात मी जरी वकदा वाटले तेरी माझा भाव भोळा, आहे सरळ आहे. #nivaruttimaharajindurikarkirtan # #marathi #music #kirtan #9975757717 9765337733