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यह वीडियो मिथिला में भगवान राम के समय की एक हिंदू पौराणिक कथा का वर्णन करता है (1:48)। वीडियो के मुख्य अंश: राम की उदारता: भगवान राम, मिथिला के लोगों से प्रसन्न होकर, उन्हें कुछ भी मांगने का प्रस्ताव देते हैं (2:06)। मिथिलानियों का ज्ञान: मिथिला की स्त्रियाँ (मिथिलानियाँ) राम के धन, धर्म, काम या मोक्ष के प्रस्ताव को विनम्रता से अस्वीकार कर देती हैं (2:53)। वे समझाती हैं कि राम का नाम जपने से ही ये सब प्राप्त हो जाते हैं (3:06)। धन और धर्म पर चर्चा: मिथिलानियाँD जोर देकर कहती हैं कि मिथिला अयोध्या से अधिक धनी है और यहाँ के लोग स्वाभाविक रूप से धर्मात्मा और ज्ञानी हैं, जिससे भौतिक और नैतिक लाभों की कोई आवश्यकता नहीं है (4:19)। कामनाओं का त्याग: वे व्यक्त करती हैं कि राम को देखने से उनकी सभी कामनाएँ पूरी हो गई हैं, और अब किसी और चीज़ की आवश्यकता नहीं है (9:21)। मोक्ष का अस्वीकरण: मिथिलानियाँ मोक्ष को भी अस्वीकार करती हैं, यह कहते हुए कि सच्चे भक्तों के पास हमेशा मोक्ष होता है (10:50)। अंतिम इच्छा: अंततः, वे अपनी एकमात्र इच्छा व्यक्त करती हैं: स्वयं भगवान राम और उनकी मधुर मुस्कान (13:18)। सीख: कहानी इस संदेश के साथ समाप्त होती है कि जब भक्त कुछ नहीं मांगते, तो भगवान उन्हें शुद्ध भक्ति प्रदान करते हैं और उनके अपने हो जाते हैं (14:24)। वीडियो "सीता राम" के जाप के साथ समाप्त होता है (15:00)।