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नया साल लगते ही काकर शादी में आगेव 🤔छत्तीसगढ़ी बिहाव" (छत्तीसगढ़ी शादी) अपनी अनूठी परंपराओं और लोक संस्कृति के लिए जानी जाती है। मुख्य रस्में (Main Rituals): बड़ोखी (सगाई): लड़के वाले लड़की के घर जाकर रिश्ता पक्का करते हैं। चुलमाटी: गाँव की शुद्ध मिट्टी खोदकर लाई जाती है, जिससे विवाह का चूल्हा और बेदी बनाई जाती है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति में मिट्टी का विशेष महत्व है। तेल-हल्दी: वर और वधू को उनके घरों में हल्दी और तेल चढ़ाया जाता है। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक 'हल्दही गीत' गाती हैं। मड़वा: आंगन में महुआ या बांस का मड़वा (मंडप) बनाया जाता है। परघनी: जब बारात लड़की के घर पहुँचती है, तो लड़की पक्ष के लोग नाचते-गाते बारातियों का स्वागत करते हैं। भाँवर: अग्नि के सात फेरे लिए जाते हैं, जिसमें वर-वधू सात जन्मों का साथ निभाने का वचन देते हैं। टीकावन: मेहमान और परिवार के लोग नवविवाहित जोड़े को उपहार और आशीर्वाद देते हैं।