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अगर आपको अपने अंदर की शक्तियां जगानी है और आत्मविश्वास से भरा जीवन जीना है, तो हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें या श्रद्धापूर्वक सुनें। #hanumanchalisa #bajrangbali #shanivarspecial, #mangalwarspecial हनुमान चालीसा की रचना 16वीं सदी के महान कवि-संत गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी। सभी महान साधु-संत और विद्वान मानते हैं कि हनुमान चालीसा में अद्भुत, दिव्य और चमत्कारी शक्तियां मौजूद हैं। जो व्यक्ति हर दिन सुबह-शाम या किसी पहर हनुमान चालीसा का पाठ करता या सुनता है, उसके भीतर की अदृश्य शक्तियां जागृत हो जाती हैं। बड़े-बड़े विद्वानों का कहना है कि हनुमान चालीसा से बढ़कर कोई सकारात्मक आत्म-संवाद (Affirmations) नहीं है। यह आम इंसान को अपनी सोच से परे कुछ कर दिखाने की शक्ति और साहस देता है। जब भी हनुमान चालीसा का पाठ करें या सुनें, इसके हर शब्द को पूरे भाव के साथ महसूस करें और केवल सकारात्मक सोच को अपने भीतर प्रवेश करने दें। यदि आप यह अभ्यास रोज़ करते हैं, तो आप अपने भीतर अद्भुत शांति, शक्ति और विश्वास का अनुभव करेंगे, जो आपका जीवन और आपकी दुनिया दोनों बदल सकता है। बस याद रखें, हनुमान चालीसा का पाठ पूरी आस्था, भाव, विश्वास और समर्पण के साथ करें, तभी आपको मनचाहे फल की प्राप्ति होगी। ‘अपनी धुन सुनो’ चैनल पर यह हनुमान चालीसा जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के मुखारबिंदु से प्रेरित और प्रभावित है। उनके अनुसार इसमें तीन स्थानों पर बदलाव किया गया है। हर भक्त, हर साधु-संत और हर व्यक्ति की सोच अलग हो सकती है। ‘अपनी धुन सुनो’ सभी की सोच का सम्मान करता है और सुधार के लिए हमेशा तत्पर है। यदि आपको इस बदलाव से कोई पीड़ा, कष्ट या ठेस पहुंचे, तो यह मंच आपसे हाथ जोड़कर क्षमा प्रकट करता है। यह चैनल मानव कल्याण, समाज सुधार, सनातन और हिंदू धर्म के उत्थान एवं राष्ट्रहित में समर्पित है। आपसे अनुरोध है कि ‘अपनी धुन सुनो’ को सब्सक्राइब करें, क्योंकि आपका साथ, सहयोग और प्रेम ही हमें प्रेरणा और ऊर्जा देता है। ऐसे ही दिव्य और भव्य गीत, संगीत और सही जानकारी के लिए जुड़े रहें। धन्यवाद। #hanumanchalisa #bajrangbali #hanumanji #jaihanuman #sankatmochan #bhakti #devotion #spirituality #sanatandharma #hanumandaily #pray #faith #positivevibes #innerstrength #spiritualawakening #peace #confidence #mindfulness #devotionalmusic #reels #instagramreels #viral #foryou #hindudevotion #india #shanivarspecial #mangalwarspecial #ram #affirmationssong #apnidhun #apnidhunsuno #ashishmishra #chalisa #hanumanchalisafast #hanumanchalisamusic #nonstophanumanchalis #rambhadracharyaiihanumanchalisa 💐 श्री हनुमान चालीसा 💐 दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि। बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।। कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुँचित केसा।। हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे। कांधे मूंज जनेउ साजे।। शंकर स्वयं केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन।। बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।। प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।। सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचन्द्र के काज संवारे।। लाय सजीवन लखन जियाये। श्री रघुबीर हरषि उर लाये।। रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।। सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।। सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।। जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।। तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।। तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना।। जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।। प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।। दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।। राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।। सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना।। आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।। भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।। नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।। संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।। सब पर राम राय सिरताजा। तिनके काज सकल तुम साजा।। और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै।। चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।। साधु संत के तुम रखवारे।। असुर निकन्दन राम दुलारे।। अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।। राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहउ रघुपति के दासा।। तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै।। अंत काल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई।। और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।। संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।। जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।। यह शत बार पाठ कर जोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई।। जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।। तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महं डेरा।। दोहा पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।। सियावर राम चन्द्र की जय! पवनसुत हनुमान की जय! उमापति महादेव की जय! रमापति रामचंद्र की जय! वृंदावन कृष्ण वल्लभ की जय! अयोध्या रामलला की जय! बोलो भाई सब संतन की जय! बोलो भाई सब भक्तन की जय! अपने-अपने माता-पिता, श्री गुरु गोविन्द की जय! Reference Link for Changes: • Hanuman Chalisa Rambhadracharya Ji | शुद्ध...