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परमेश्वर के भवन में कैसे जाएं Dasi Nilmani Lakra Jharkhand prayer Number 8120832586 परमेश्वर का भवन केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि वह स्थान है जहाँ परमेश्वर की उपस्थिति होती है। बाइबल कहती है कि “परमेश्वर आत्मा है, और जो उसकी भक्ति करते हैं, उन्हें आत्मा और सच्चाई से करनी चाहिए।” 1. शुद्ध हृदय के साथ जाएं परमेश्वर के भवन में जाने से पहले अपने मन और हृदय को शुद्ध करना बहुत ज़रूरी है। 👉 भजन संहिता 24:3-4 कहती है – “कौन यहोवा के पर्वत पर चढ़ेगा? जिसका मन और हाथ शुद्ध हैं।” 2. प्रार्थना और नम्रता के साथ जाएं जब हम प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भवन में जाते हैं, तो परमेश्वर हमारी आवाज़ सुनता है। नम्र हृदय परमेश्वर को प्रिय है। 3. धन्यवाद और स्तुति के साथ जाएं परमेश्वर के भवन में शिकायत लेकर नहीं, बल्कि धन्यवाद और स्तुति लेकर जाएं। 👉 भजन संहिता 100:4 – “धन्यवाद करते हुए उसके फाटकों में प्रवेश करो।” 4. विश्वास और आज्ञाकारिता के साथ जाएं परमेश्वर के भवन में जाना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि विश्वास का कदम है। जो विश्वास के साथ आता है, वह आशीष लेकर लौटता है। 5. पवित्र जीवन के साथ जुड़े रहें परमेश्वर का भवन हमें पवित्र जीवन जीने की प्रेरणा देता है। चर्च जाना हमें परमेश्वर के वचन, संगति और मार्गदर्शन से जोड़ता है। परमेश्वर का भवन केवल एक स्थान नहीं है, बल्कि वह जगह है जहाँ हम जीवते परमेश्वर से मिलने जाते हैं। इसलिए वहाँ जाना भी सही मनोभाव और सही रीति से होना चाहिए। 6. शुद्ध और तैयार हृदय के साथ जाएं परमेश्वर बाहरी रूप नहीं, बल्कि हृदय को देखता है। जब हम पाप, घमंड और द्वेष को छोड़कर जाते हैं, तब परमेश्वर हमें स्वीकार करता है। 7. प्रार्थना करते हुए जाएं परमेश्वर के भवन में जाने से पहले और जाते समय प्रार्थना करना बहुत आवश्यक है। प्रार्थना हमें परमेश्वर की उपस्थिति के लिए तैयार करती है। 8. सम्मान और अनुशासन के साथ जाएं परमेश्वर का भवन पवित्र स्थान है। वहाँ हमारा व्यवहार, वाणी और वस्त्र सभी में आदर और मर्यादा होनी चाहिए। 9. धन्यवाद और स्तुति लेकर जाएं हम अपनी समस्याएँ छोड़कर, परमेश्वर की स्तुति और धन्यवाद के साथ जाएं। स्तुति करने वालों के बीच परमेश्वर वास करता है। 10. वचन सुनने और मानने की इच्छा से जाएं परमेश्वर के भवन में केवल सुनने नहीं, बल्कि जीवन में लागू करने के लिए जाएं। जो वचन को मानता है, वही आशीष पाता है।