У нас вы можете посмотреть бесплатно Nawanshahr # Shri guru ravidass 649th jyanti # Nagar kirtan # Masha Ali..mela или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
श्री गुरू रविदास महाराज के प्रकाश पर्व पर श्री गुरु रविदास मंदिर प्रबंधक कमेटी व श्री गुरु रविदास नौजवान सभा द्वारा श्री गुरु रविदास मंदिर से शहर में शुक्रवार को विशाल भव्य नगर कीर्तन सजाया गया। नगर कीर्तन में सुशोभित श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब इस तरह बहा कि हर तरफ सिर पर रुमाला व पगड़ी पहने संगत ही संगत नजर आ रही थी। नगर कीर्तन में बैंड पार्टीयां, रणजीत गतकां अखाडा की पार्टीयां, कीर्तनी जत्थे, डांडिया ग्रुप, भंगड़ा डालते युवक, हाथों में आरती उतारती हुई कन्याएं आस्था के साथ गुरु रविदास जी की महिमा का गुणगान करते हुए चल रही थी। इसके साथ ही डीजे की धूनों पर झूमते युवा व डांस करती हुई, डीएवी स्कूल के पास रहने वाले मूर्तिकार चरणजीत द्वारा बनाई गुरु जी की मूर्ति व मीरा बाई तुंबा से गाती हुई तथा ट्राली पर सजी सुंदर परियां भी आकर्षण का केंद्र रहे। लगभग डेढ-दो किलोमीटर लंबे नगर कीर्तन में शहर के तमाम समाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई व माहिल गहिला के बाबा शाम दास की देखरेख में सजाए नगर कीर्तन का शुभारंभ रविदास नगर में झंडा लहराने की रस्म राजेश कुमार बाली द्वारा की गई। नगर कीर्तन का उदघाटन समाज सेवक मा.देस राज नोर्द ने, पालकी साहिब का उदघाटन समाज सेवक बहादुर चंद व सर्बजीत कुमार ने किया, जबकि रथ का उदघाटन प्रिंसीपल प्रवीन कौर ने किया। सबसे आगे कामरेड बलदेव सिंह हाथो में झंडा लेकर चल रहे थे, उनके पीछे शहीद उधम सिंह नगर के सेवा दल के सदस्य सफाई करने के बाद हाथो में आरती थाली तथा गुग्गल से धूफ धुखाते चल रहे थे। उसके बाद पालकी साहिब फिर उसके बाद सभी संगत चल रही थी। नगर कीर्तन रविदास नगर, वालमीकि नगर, गीता भवन रोड़, कोठी रोड़, मठारु रोड़, बंगा रोड़, गुरु तेग बहादुर नगर से गढ़शंकर रोड, श्री टाहली साहिब, अंबेडकर चौंक, चंडीगढ़ चौक वापिस श्री गुरु रविदास मंदिर में ही पहुंच कर संपन्न हुआ। नगर कीर्तन में अनगिणत रथों के साथ तीन पालकीयां, विभिन्न मोहल्लो द्वारा सजाए गुरु रविदास जी के प्रभातफेरी निकालने वाले अनगिणत रिक्शा, विभिन्न भंगड़ा पार्टी व रणजीत गतका अखाड़ा भी शामिल रहा। शहर के विभिन्न हिस्सों में किला मोहल्ला, नई आबादी के श्री गुरु रविदास नौजवान मिशन के सदस्य, इब्राहीम बस्ती, त्रिवैणी के नौजवान सभा त्रिवैणी, डीएवी स्कूल के पीछे बाबा नाम देव मोहल्ला निवासी, बंगा रोड, गढ़शंकर रोड लक्ख दाता, रविदास मोहल्ला, शहीद उधम सिंह नगर, गांव बेगमपुर, गांव स्लोह, कुलाम, चूहड़पुर, लोधीपुर, करीमपुर, राहों, हियाला, ताजपुर, साहिब कांशी राम समाज भलाई सोसायटी इत्यादि की भारी संख्या में संगत शामिल हुई। सभी गुरु की महिमा गाते हुए गुरु रविदास जी की महिमा का गुणागन करते हुए चल रहे थे। देर रात को गुरु रविदास मंदिर में धार्मिक रस्मों के बाद दीवान सजाए गए, जिसमें बलराज बिलगा पार्टी ने गुरु की महिमा का गुणगान किया।श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में मंदिर प्रबंधक कमेटी व श्री गुरु रविदास नौजवान सभा द्वारा शनिवार देर रात व रविवार को सुबह धार्मिक आयोजन करवाए गए। श्री गुरू रविदास मोहल्ला में करवाए गए समागम में भारी संख्या में भक्तों ने हाजरी लगाकर गुरु जी का महिमा का गुणगान किया। शनिवार देर शाम को नगर कीर्तन के समापन के उपरांत धार्मिक दीवान सजाए गए। मंच पर स्टेज का उदघाटन सुखदेव कुमार प्रधान बेगमपुरा टाइगर फोर्स, इसके बाद श्री गुरु रविदास जी की पावन ज्योति की रस्म बलदेव राज राजू ने, गुरू रविदास जी की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म कश्मीर भूट्टा, डा. बीआर अंबेडकर की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म सतीश कुमार ने, श्री गुरु नानक देव जी की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म डैनी जनागल ने, भगत कबीर की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म नरेश कुमार बाली, भगवान वाल्मीकि जी की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म परमेश्वर बाली ने, शहीद संत रामानंद जी की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म रमन कुमार चौंकडिया ने, माता मीरा बाई की फोटो से पर्दा हटाने की रस्म संदीप कलेर द्वारा अदा की गई। इसके उपरांत देर रात को गुरु रविदास भजन मंडल व बलराज बिलगा ने तूं मेरा राखा सबनी थांई.., ए जन्म तुम्हारे लेखे.., सतगुरु ने जहाज बनाया नाम दा चप्पू आप चलाया भव सागर तो पार लगांदा जी.., ओ अखां वालेया पछान लिया दुख ले के सुख बंडदा.., झुठीयां खबरां, झूठे पर्चे गुरु ते कांशी च हो गए सी.., इत्यादि भजन सुना कर सबको खूब निहाल किया। आरती के उपरांत प्रोग्राम संपन्न हुआ। इसी तरह रविवा को हैड ग्रंथी सेवा दास की देखरेख में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के देर शाम को सहिज पाठ का भोग डाला गया। सुबह स्टेज पर भाई अजीत सिंह ने गुरुओं को नमन करने के बाद गुरु रविदास जी का बाणी सुनाई, बताया कि गुरु रविदास जी ने किरत करने के साथ संगत को वाणी सुनने व प्रभु सिमरन का संदेश दिया है। उन्होंने वाणी में बताया है कि ईश्वर की भक्ति बड़े भाग्य से प्राप्त होती है। अभिमान शून्य रहकर काम करने वाला व्यक्ति जीवन में सफल रहता है। इसके बाद माशा अली ने ना कोई भुखा सोंवे न ही कोई प्यासा, ओहदे रंग विच्च रंगिया जाना दुख दी घड़ी विच्च नाम जपिया कर..,होई बर्बाद काली रात जन्म दिहाड़ा आया गुरु रविदास दा..,चढदी कलां विच्च कौम रहू रविदासी शेरा दी.., असी रुलदे रुलदे विच्च पूजे प्रदेसा दे.., बाबा साहिब ने बुलंद किते साडे हौंसले.., इत्यादि भजन सुना कर संगत को निहाल किया। दोनो दिन रविदास नगर में लगे बाजार में लोगो ने जम कर खरीददारी की। संगत के लिए लंगर भी लगाए गए थे। सेवा राम द्वारा गुरु जी की अरदास के बाद प्रोग्राम समाप्त हुआ। INCREDIBLE INDIA