У нас вы можете посмотреть бесплатно Ismaili Ginan || Uth Baith Re Kya Tu Sota With Lyrics || उठ बैठ रे क्या तू सोता или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
Ismaili Ginan || Uth Baith Re Kya Tu Sota With Lyrics || उठ बैठ रे क्या तू सोता Ginan Lyrics उठ बैठ रे किया सोता तेरा सोना भलेरा नाही तेरा शाह-पीर कदी ना सोवे, तूजे सोना क्यूं भावे। तेरा मौला कदी ना सोवे, तुझे सोना क्यूं भावे उठ बैठ रे किया सोता खट्ट घड़ी तो पाछली जागो,(२) चेतो मुनिवर भाई सरग भवन थी हुरा आवी, नूर ना पियाला लाई तेरा शाह-पीर कदी ना सोवे तूजे सोना क्यूं भावे। तेरा मौला कदी ना सोवे, तुझे सोना क्यूं भावे उठ बैठ रे किया सोता सुरा होए तो रेहणी जागो(२) चेतो मेरे भाई; नूर ना पियाला मुखे लगाया, पूरब तेनी कमाई तेरा शाह-पीर कदी ना सोवे तूजे सोना क्यूं भावे। तेरा मौला कदी ना सोवे, तुझे सोना क्यूं भावे उठ बैठ रे किया सोता जिकरे जागो बंदगी मांगो,(२) जिकर करो इलाही; खरी दसोंदी गतना मेला, हाजर बेठा सांही तेरा शाह-पीर कदी ना सोवे तूजे सोना क्यूं भावे। तेरा मौला कदी ना सोवे, तुझे सोना क्यूं भावे उठ बैठ रे किया सोता विरा हेते प्रीते अमीरस पिजो,(२) वेला गत मा जाई; गुर-नर बेहू जाहेर आविया(२) परतक बेठा भाई तेरा शाह-पीर कदी ना सोवे तूजे सोना क्यूं भावे। तेरा मौला कदी ना सोवे, तुझे सोना क्यूं भावे उठ बैठ रे किया सोता विरा पीर इमाम शाह बोलिया,(२) संभालो मुनिवर भाई; जागण-हारा जागजो(२) नूर जहुरा थाई, तेरा शाह-पीर कदी ना सोवे तूजे सोना क्यूं भावे। तेरा मौला कदी ना सोवे, तुझे सोना क्यूं भावे उठ बैठ रे किया सोता Your Quary: Ginan Uth Baith Re Kya Tu Sota with lyrics Ginan With Lyrics uth beyth re kiyaa sutaa with Lyrics uth beyth re kiyaa sutaa ginan uth beyth re kiyaa sutaa ginan Ginan ismaili Playlist utth baetth re keeyaa sotaa ginan uth beyth re kiyaa sutaa by sayyed imaam shaah (a.s) ginan uth bethre kia soota ginan, uth beth re ginan uth baith re ginans uth beth re kya suta ismaili ginan ginan ismaili uth beyth re kiyaa sutaa by sayyed imaam shaah uth beyth re kiyaa sutaa by sayyed imaam shaah (a.s) ruhani ilm ginan uth beyth re ginan with music ooth beth re ginan with meaning