У нас вы можете посмотреть бесплатно मेहरम होय सोई लख पावे ऐसा देस हमारा || Mehram Hoy Soi Lakh Paave Esa des hamara или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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Credits Main Vocal : Padmashri Prahlad Singh Tipaniya Dholak : Ajay Tipaniya and Himanshu Tipaniya Harmonium : Prahlad singh Tipanya Khadtal : Himanshu Tipaniya Sound Mixing : Peter jamra Video Editing : Mayank Tipaniya Poster design : Mayank Tipaniya 'मेहरम होय सोई लख पावै' साखी - पारख रूप है साइयाँ, सब घट रहा समाय । चित्त चकमक लागे नहीं, यासे बुझि -बुझि जाय॥ 1॥ अगम पंथ को मन गया, सुरति भई अगवान । कहै कबीरा मंडि रहा, बेहद के मैदान ॥2॥ (सब) हद में बैठा कथत है, बेहद की गम नाहि । बेहद की गम होयगी, तब कुछ कथना नाहि ॥ 2 ॥ भजन - मेहरम होय सोई लख पावै ऐसा देश हमारा । 1. वेद किताब पर नहीं पाया, केहन सुनन से न्यारा, अष्टकमल नव दस के ऊपर, रहता पुरूष हमारा ॥ 2. बिना बादल एक धामण धमके, बिन सूरज उजियारा, बिना नैन से वो माला पोवे, सत्य से शब्द उचारा ।। 3. सुत्र महल में बाजा रे बाजे किंगरी बीण सितारा, जो चढ़ देखे गगन गुफा में, दरसेगा अगम अपारा ॥ 4. जल की बूंद गिरी जल माहि, ना मीठा ना खारा, कहैं कबीर सुनो भाई साधो, कोई पहुँचेगा गुरू प्यारा ॥