У нас вы можете посмотреть бесплатно बहुत ही प्यारा गुरुदेव भजन Hey Gurudev Pranam हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
Hey Gurudev Pranam – हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में 🌸 ✨ एक दिव्य गुरु-भक्ति भजन का भावपूर्ण विवरण ✨ “हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में” — यह केवल एक भजन नहीं है, बल्कि शिष्य के हृदय से निकली वह सच्ची पुकार है, जो अपने गुरु के चरणों में पूर्ण समर्पण के साथ झुक जाती है। यह भजन गुरु-शिष्य परंपरा की उसी दिव्यता को प्रकट करता है, जो सनातन संस्कृति की आत्मा रही है। जब यह भजन आरंभ होता है, तो ऐसा लगता है मानो आत्मा अपने वास्तविक घर की ओर लौट रही हो। इसके प्रत्येक शब्द में श्रद्धा है, प्रत्येक स्वर में विश्वास है और प्रत्येक पंक्ति में गुरु के प्रति अपार प्रेम झलकता है। 🌿 गुरु का स्थान – ईश्वर से भी ऊपर सनातन धर्म में कहा गया है: गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः। गुरु साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः॥ इस श्लोक का सार यही है कि गुरु ही सृष्टि के रचयिता हैं, गुरु ही पालनकर्ता हैं और गुरु ही संहारकर्ता हैं। गुरु के बिना न ज्ञान संभव है, न भक्ति, न मुक्ति। यह भजन इसी भाव को अत्यंत सरल और मधुर भाषा में हमारे हृदय तक पहुँचाता है। 🌸 भजन का भावार्थ इस भजन में शिष्य अपने गुरु से कहता है — हे गुरुदेव, मैं अज्ञानी हूँ। हे गुरुदेव, मैं भटका हुआ हूँ। हे गुरुदेव, मेरे पास कुछ भी नहीं, सिवाय आपके चरणों में समर्पण के। भजन का मूल भाव यही है कि शिष्य अपने सारे अहंकार, सारे दोष, सारे दुख और सारे प्रश्न गुरु के चरणों में अर्पित कर देता है। 🔱 गुरु – अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाले दीपक मनुष्य जन्म लेने के बाद अज्ञान के अंधकार में रहता है। उसे न जीवन का उद्देश्य पता होता है, न सही मार्ग। ऐसे में गुरु वह दीपक हैं, जो अंधकार में प्रकाश फैलाते हैं। यह भजन हमें याद दिलाता है कि — गुरु बिना कहे भी शिष्य के दुख जान लेते हैं गुरु बिना बताए भी सही दिशा दिखा देते हैं गुरु केवल बोलते नहीं, अपने आचरण से सिखाते हैं “हे गुरुदेव प्रणाम” भजन में यही भाव बार-बार उभर कर आता है। 🌼 शिष्य का समर्पण भाव इस भजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका समर्पण भाव है। शिष्य कहता है — अब न कोई इच्छा है, न कोई अपेक्षा है, जो कुछ भी हूँ, जैसा भी हूँ, आपके चरणों में अर्पित हूँ। यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि जब शिष्य पूरी तरह झुक जाता है, तभी गुरु की कृपा पूर्ण रूप से बरसती है। 🕉️ गुरु कृपा का महत्व शास्त्रों में कहा गया है — गुरु कृपा हि केवलम्। अर्थात् गुरु की कृपा ही सब कुछ है। यह भजन हमें यह विश्वास दिलाता है कि: बिना गुरु कृपा भक्ति अधूरी है बिना गुरु कृपा साधना निष्फल है बिना गुरु कृपा जीवन निरर्थक है जब यह भजन सुनते हैं, तो मन में यह भाव जागता है कि सब कुछ गुरु पर छोड़ देना ही सबसे बड़ा समाधान है। 🎶 संगीत और भाव का अद्भुत संगम इस भजन का संगीत अत्यंत कोमल, शांत और ध्यानमय है। इसकी धुन ऐसी है कि: मन अपने-आप शांत होने लगता है विचार थमने लगते हैं आंखें नम हो जाती हैं हृदय गुरु की स्मृति में डूब जाता है यह भजन ध्यान, साधना, प्रार्थना और सुबह-शाम सुनने के लिए अत्यंत उपयुक्त है। 🌺 गुरु-शिष्य परंपरा की झलक भारत की भूमि गुरु-शिष्य परंपरा से पवित्र रही है — चाहे वह श्रीकृष्ण-अर्जुन, राम-हनुमान, शंकराचार्य, कबीर-रामानंद, या आधुनिक संत हों। यह भजन उसी परंपरा को जीवंत करता है और हमें याद दिलाता है कि: गुरु केवल ज्ञान नहीं देते, गुरु जीवन को गढ़ते हैं। 🌸 मनुष्य जीवन और गुरु मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ है। करोड़ों जन्मों के बाद यह अवसर मिलता है। लेकिन यह जीवन तभी सफल होता है, जब उसमें गुरु का मार्गदर्शन हो। यह भजन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि: क्या हम अपने गुरु के बताए मार्ग पर चल रहे हैं? क्या हम उनके उपदेशों को जीवन में उतार रहे हैं? क्या हम केवल शब्दों से नहीं, कर्मों से भी गुरु को प्रणाम कर रहे हैं? 🌼 भजन सुनने के आध्यात्मिक लाभ इस भजन को नियमित सुनने से: ✨ मन में गहरी शांति आती है ✨ अहंकार धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है ✨ गुरु के प्रति श्रद्धा बढ़ती है ✨ ध्यान और साधना में स्थिरता आती है ✨ नकारात्मक विचार कम होते हैं ✨ जीवन के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक होता है 🌸 आज के समय में गुरु की आवश्यकता आज का मनुष्य भौतिकता में उलझा हुआ है। तनाव, चिंता, भय और असंतोष से घिरा हुआ है। ऐसे समय में गुरु ही वह शक्ति हैं, जो हमें भीतर से संभालते हैं। यह भजन आज के युग में एक आध्यात्मिक औषधि की तरह है। 🙏 पूर्ण समर्पण की प्रार्थना इस भजन के माध्यम से शिष्य यही प्रार्थना करता है — हे गुरुदेव, मेरी भूलों को क्षमा करें, मेरे पथ को प्रकाश दें, और मुझे अपने चरणों से कभी दूर न होने दें। 🌺 निष्कर्ष “Hey Gurudev Pranam – हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में” एक ऐसा भजन है, जो: आत्मा को झुका देता है अहंकार को तोड़ देता है हृदय को पवित्र कर देता है और गुरु-कृपा से जोड़ देता है यह भजन हर उस व्यक्ति के लिए है, जो अपने जीवन में शांति, दिशा और सत्य की खोज में है।