У нас вы можете посмотреть бесплатно ‘घर मत आना, तुम्हारी बहन तुम्हें यहाँ नहीं चाहती,’ मैंने अपनी बेटी से कहा — उसकी शादी के दिन मैंने… или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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"घर मत आना, तुम्हारी बहन तुम्हें यहाँ नहीं चाहती।" यह वो शब्द हैं जिन्होंने एक माँ और बेटी के बीच का रिश्ता हमेशा के लिए तोड़ दिया। यह मीना शर्मा की कहानी है - एक 58 वर्षीय माँ की, जिसने शांति के नाम पर एक बेटी को चुना और दूसरी को खो दिया। क्या एक जन्मदिन की बात इतनी बड़ी हो सकती है? क्या एक फोन कॉल पूरी ज़िंदगी बदल सकती है? क्या "बड़ी है, समझ जाएगी" कहना सबसे बड़ी ग़लती हो सकती है? यह कहानी है एक आम भारतीय परिवार की। दिल्ली के द्वारका में। जहाँ एक माँ ने सोचा कि वो सही कर रही है। जहाँ उसने छोटी बेटी की ख़ुशी के लिए बड़ी बेटी को दरवाज़े से लौटा दिया। और जब उसे अपनी ग़लती का एहसास हुआ, तब बहुत देर हो चुकी थी। पाँच साल बाद, जब अनन्या की शादी का कार्ड आया, तो उस पर माँ-बाप का नाम नहीं था। उस पर किसी और का नाम था। और उस दिन मीना को समझ आया कि उसने क्या खोया है। 💔 यह सिर्फ़ एक कहानी नहीं है। यह एक सबक है। हर उस माँ-बाप के लिए जो सोचते हैं कि एक बच्चा "समझदार" है तो उसे कम प्यार की ज़रूरत है। हर उस परिवार के लिए जहाँ एक बच्चे को दूसरे से ज़्यादा तवज्जो मिलती है। 🙏 अगर यह कहानी आपको छू गई, तो कृपया: ▶️ इस चैनल को SUBSCRIBE करें ताकि ऐसी और सच्ची भावनात्मक कहानियाँ आप तक पहुँचती रहें 👍 LIKE करें अगर आपको यह कहानी महसूस हुई 💬 COMMENT में ज़रूर बताएँ - क्या आपने कभी किसी को "बाद में ठीक कर लूँगा" सोचकर दूर किया? आप किस शहर से यह देख रहे हैं? 📤 इस कहानी को उस किसी के साथ SHARE करें जिसे इसकी ज़रूरत है - शायद आज ही कोई अपनी अनन्या को बचा ले याद रखिए: कोई भी दिन "सिर्फ़ एक दिन" नहीं होता। हर पल एक चुनाव है। और कुछ चुनाव हमेशा के लिए बदल देते हैं। क्या आप आज ही वो फोन कॉल करेंगे जो आप टाल रहे हैं? ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ⚠️ DISCLAIMER: यह कहानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से निर्मित की गई है। सभी पात्र, नाम, स्थान और घटनाएँ काल्पनिक हैं। किसी भी वास्तविक व्यक्ति, जीवित या मृत, से कोई समानता पूर्णतः संयोग है। इस कहानी का उद्देश्य केवल मनोरंजन और सामाजिक संदेश देना है। This story is produced with the assistance of Artificial Intelligence (AI). All characters, names, places, and events are fictional. Any resemblance to actual persons, living or dead, is purely coincidental.