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माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी का स्वरूप —Swami on Lalita Sahasranama.. भगवती ललिता lदस महाविद्या रहस्य । / @drishtikone7971 इस वीडियो के माध्यम से मैं आप सभी स्वजनों को मेरा यह प्रयास है कि मैं आप को दशमहाविद्या के बारे में कुछ बता सकूं दश महाविद्या तंत्र साधना : सावधानियाँ, कुल्लुका, सेतु, महासेतु और मुखशोधन का तांत्रिक महत्व तंत्र साधना कोई साधारण उपासना नहीं, बल्कि चेतना के अत्यंत सूक्ष्म और शक्तिशाली स्तरों से संवाद करने की विधा है। विशेषतः दश महाविद्या—काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला—ये सभी देवियाँ केवल पूज्य रूप नहीं, बल्कि जीवित शक्ति-तत्त्व हैं। इनके साथ साधना करते समय यदि शास्त्रीय सावधानियाँ न बरती जाएँ, तो साधक को लाभ के स्थान पर मानसिक, भावनात्मक या आध्यात्मिक असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है। 1. साधना से पूर्व आवश्यक सावधानियाँ दश महाविद्या की साधना गुरु-मार्गदर्शन के बिना नहीं करनी चाहिए। कारण यह है कि प्रत्येक महाविद्या की प्रकृति, बीज-मंत्र, न्यास, आचार और प्रयोग भिन्न होते हैं। साधक का आहार-विहार, ब्रह्मचर्य, वाणी-संयम, मनःशुद्धि और नियमित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। बिना आंतरिक शुद्धि के तांत्रिक साधना केवल बाह्य क्रिया बनकर रह जाती है। 2. कुल्लुका (कुल्लुक) का महत्व कुल्लुका का अर्थ है—गुप्तता और संरक्षण। तंत्र में यह विधान साधना-शक्ति को बाहरी प्रभावों से सुरक्षित रखने हेतु किया जाता है। कुल्लुका द्वारा साधक अपने चारों ओर एक सूक्ष्म रक्षात्मक आवरण बनाता है, जिससे साधना के समय जाग्रत होने वाली शक्तियाँ बिखरें नहीं और न ही नकारात्मक तत्त्व उसमें प्रवेश कर सकें। यह साधना की गोपनीयता और स्थिरता का आधार है। 3. सेतु का तांत्रिक अर्थ सेतु का अर्थ है—संपर्क या पुल। साधक और देवी-तत्त्व के बीच जो चेतनात्मक दूरी है, उसे पाटने का कार्य सेतु करता है। यह विधान यह सुनिश्चित करता है कि जप या पाठ केवल शब्दों का उच्चारण न रह जाए, बल्कि वह देवी-चेतना से जुड़कर फलित हो। बिना सेतु के साधना आरंभ करना ऐसा है जैसे नदी के उस पार खड़े होकर देवी को पुकारना—ध्वनि जाती है, पर पहुँच नहीं बनती। 4. महासेतु : उच्चतर संपर्क की स्थापना जहाँ सेतु साधक और देवता के बीच सामान्य संपर्क स्थापित करता है, वहीं महासेतु उस संपर्क को स्थायी और गहन बनाता है। यह विधान साधना को लौकिक स्तर से उठाकर महाविद्या के तत्त्वात्मक स्तर तक ले जाता है। महासेतु के बिना की गई साधना में कभी-कभी फल मिलता है, कभी नहीं—क्योंकि संपर्क अस्थिर रहता है। 5. मुखशोधन : वाणी और प्राण की शुद्धि तंत्र में कहा गया है—“मुखं मन्त्रस्य द्वारम्” अर्थात् मुख ही मंत्र का द्वार है। मुखशोधन द्वारा साधक अपनी वाणी, श्वास और प्राण-प्रवाह को शुद्ध करता है। यदि वाणी अशुद्ध, कटु या असंयमित हो, तो मंत्र की शक्ति विकृत हो जाती है। मुखशोधन के बिना किया गया जप ऐसा है जैसे मलिन पात्र में अमृत डालना—अमृत का प्रभाव नष्ट हो जाता है। 6. क्यों ये विधान अनिवार्य हैं कलियुग में मन अत्यंत चंचल है और साधक शीघ्र फल की कामना करता है। परंतु तंत्र साधना में विधान ही सुरक्षा कवच है। कुल्लुका सुरक्षा देता है, सेतु संपर्क बनाता है, महासेतु साधना को ऊँचाई देता है और मुखशोधन मंत्र को शक्ति प्रदान करता है। इनके बिना की गई साधना अधूरी ही नहीं, कभी-कभी हानिकारक भी हो सकती है। उपसंहार दश महाविद्या तंत्र साधना भय या प्रदर्शन का मार्ग नहीं, बल्कि गहन अनुशासन, श्रद्धा और शुद्धता का पथ है। जो साधक शास्त्रीय विधानों का पालन करता है, वही देवी की करुणा और शक्ति का अधिकारी बनता है। स्मरण रहे—तंत्र में लघु लापरवाही भी दीर्घकालीन प्रभाव छोड़ सकती है, इसलिए साधना सदैव विधानपूर्वक, गुरु-आज्ञा से और विनम्र भाव से ही करनी चाहिए। जय श्री राधे 🙏 dasha mahavidya rahasya das maha vidya ka rahsya rahasya #dasamahavidya bhadrakali sadhana ka rahasya dasmahavidya dasmahavidya sadhana rahasyakatha rahasyakathahorrorstories dasha mahavidya dasa mahavidyas dash mahavidya kiya hai dasa mahavidya dash mahavidya das mahavidya das maha vidya das mahavidya sadhana dash mahavidya shorts mahavidyas mahavidya adhya shakti dash mahavidya kaun hain das maha vidya kon hai 10 mahavidya stotram dus mahavidya kya hai das mahavidya kise kahate hai lalita sahastra path kaise kare lalita sahsranam kaise bole guru bina paath kaise karein lalita sahasranama path lalita sahasranama path ka mahatva lalita sahasranama path vidhi lalita sahasranama anand pathak lalita sahasranama sri lalita sahasranama lalita sahasranama hindi lalita sahasranama ke labh lalita sahasranama stotra lalita sahasranama with lyrics lalita sahasranama om swami ललिता सहस्रनाम का पाठ कैसे करें ललिता सहस्रनाम पूजा घर पर कैसे करें? कैसे करें विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ ललिता सहस्रनाम पाठ विधि ललिता सहस्रनाम स्तोत्र पाठ ललिता सहस्रनाम का दैनिक पाठ ललिता सहस्त्रनाम पाठ ललिता सहस्रनाम का पाठ कैसे करें ललिता सहस्रनाम पूजा घर पर कैसे करें? ललिता सहस्त्र पाठ कैसे करे कैसे करें विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ ललिता सहस्रनाम पाठ विधि ललिता सहस्रनाम का पाठ ललिता सहस्रनाम स्तोत्र पाठ ललिता सहस्त्रनाम पाठ ललिता सहस्रनाम स्तोत्र कैसे पढ़े श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्र पाठ ललिता सहस्त्रनाम पाठ करने के फायदे ललिता सहस्त्रनाम का पाठ क्या होता है ललिता सहस्रनाम ललिता सहस्रनाम के लाभ gupt navratri #guptnavratri2026 #love #lifeisbutadream #sriyantra #shiv #krishna #srividya #motivation #dasmahavidya #tantra #motivation #harekrishna #omswami #rajendradasjimaharaj