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जब धरती रोती है… जब प्रकृति नष्ट होती है… और जब अधर्म सीमा पार करता है — तब उठती है महादेव की चेतावनी 🔱 यह रैप भगवान शिव के क्रोध, करुणा और चेतावनी को दर्शाता है। धरती, प्रकृति, पशु और मानवता के पक्ष में एक आध्यात्मिक लेकिन आक्रामक संदेश। 🎧 Headphones लगाओ 🔥 Lyrics महसूस करो 🕉️ Message समझो Har Har Mahadev! #MahadevRap #ShivJiRap #HindiRap #SpiritualRap #ShivShakti #AdharmKeKhilaf #SaveNature #HarHarMahadev #DivineRap #IndianRap #bhakti #goosebumps #devotionalsong #bhaktigeet Rap lyrics :- [Intro] [low vocal register] मैं ही काल, मैं ही दंड मैं ही नाद, मैं ही अंत सुन लो पृथ्वी के पाप की ध्वनि आज शिव की जिह्वा है अग्नि [Verse 1] माथे पर भस्म, तीसरा नयन देख रहा धधकता तुम्हारा लोभ-वहन जंगल जला, नदियाँ रोती, आकाश धुआँ तुम्हारे हाथों में अपने ही घर का श्मशान बना प्लास्टिक की नदियाँ, जहर की बारिश पशु के गले में तुम्हारी अंधी ख्वाहिश पेड़ गिरा, मंदिर गिरा, गिर गई करुणा मनुष्य बचा, पर मर गई मानवता सुना स्वार्थ की दलाली, धरती की लाश मंदिर में फूल, बाहर रक्त की घास जपते हो नाम, भोगते अधर्म कर्म से खोद रहे अपने ही गर्त [Chorus] [गर्जना] रुद्र हूँ मैं, रुद्र की चेतावनी थर-थर काँपे अधर्मी की अधम कहानी धरती मेरी, प्रकृति मेरी साधना तोड़े जो संतुलन, बस शेष है दंड और साध्यना [Verse 2] [damru roll] मैंने गंगाजल से धूल धोई थी तुमने उसी धारा में विष बोई थी मेरे नाग की आँखों में क्रोध दहकता हर कटे वृक्ष पर प्रण तड़पता मांस की थाल, करुणा की मौत झूठी आरती, भीतर सड़ा हुआ सोच गोद में बच्चे, हाथों में रक्त फिर भी मुख पर धर्म की मठभक्त मुक्त जो पीड़ा को देख के भी मौन रहे वे भी अधर्म के हिस्सेदार गिने करुणा को कायर कहकर हंसे समय का चक्र इन पर ही जंसे [Chorus] [Bridge] [फुसफुसाते स्वर] अभी भी पल है, श्वास बचे हैं बीज बचा है, आकाश सचे हैं रोप दो दया, रोको यह दाह वरना बस प्रलय – न तट, न पथ, न चाह [Verse 3] अब भी पलटे तो करूँगा क्षमा धरती को दे दूँ फिर से नवािमा माँ की तरह सीने से लगा लूँ झूठे अहंकार से तुझे छुड़ा लूँ पर यदि यूँ ही चलता रहा यह मार्ग क्रोध बनूँगा, न रहूँगा सिर्फ भार्ग डगमग धरती, फटता पर्वत, जलते नगर तब मत कहना, "कहाँ गया हमारा ईश्वर?" [Chorus]