У нас вы можете посмотреть бесплатно कर्म और भाग्य क्या है? भाग्य का लिखा कभी नहीं मिटता | राजा की सच्ची कहानी भगवान विष्णु की दिव्य वाणी или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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जब-जब इस सृष्टि में मनुष्य ने यह प्रश्न पूछा है — “सब कुछ कर्म से होता है या भाग्य से?” तब-तब यह प्रश्न स्वयं भगवान विष्णु के चरणों तक पहुँचा है। क्योंकि विष्णु — पालनकर्ता हैं, न्याय के साक्षी हैं, और कर्म के विधान के रचयिता भी। आज की यह कथा… किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस आत्मा की है जो जीवन में संघर्ष, पीड़ा और प्रतीक्षा से गुजर रही है। 🌊 क्षीरसागर में शेषनाग पर शयन करते भगवान विष्णु… चारों ओर शांति… पर देवताओं के मन में हलचल। देवराज इंद्र ने प्रश्न किया — “हे प्रभु! कोई बिना प्रयास सफल हो जाता है और कोई सब कुछ करके भी हार जाता है… क्या यह भाग्य है?” विष्णु मुस्कुराए। उन्होंने कहा — “इंद्र… भाग्य कोई अलग शक्ति नहीं, वह तो पूर्व जन्मों के कर्मों की छाया है।” 📿 प्राचीन काल में राजा धर्मकेतु — न्यायप्रिय, दानी, धर्मात्मा। परंतु उनका जीवन दुखों से भरा था। संतान नहीं… राज्य में अकाल… और अंत में विश्वास भी डगमगाने लगा। राजा ने भगवान विष्णु से पूछा — “हे नारायण! मैंने तो सदा धर्म किया, फिर यह दुःख क्यों?” तब विष्णु ने राजा को उसके पूर्व जन्म का दृश्य दिखाया… जहाँ वही राजा — एक निर्धन को अपमानित कर उसका अधिकार छीन लेता है। 👉 कर्म कभी नष्ट नहीं होता। वह समय आने पर फल देता है। 🕯️ अध्याय 3: भाग्य बदलने की शक्ति (10 मिनट) राजा रो पड़े। उन्होंने पूछा — “क्या अब सब समाप्त है प्रभु?” विष्णु बोले — “नहीं। वर्तमान का कर्म — बीते हुए कर्मों को भी शांत कर सकता है।” राजा ने सेवा, करुणा और त्याग का मार्ग अपनाया। धीरे-धीरे — 🌸 अकाल समाप्त हुआ 🌸 राज्य में सुख आया 🌸 और अंततः संतान प्राप्ति हुई 👉 भाग्य स्थिर नहीं होता। कर्म उसे गढ़ता है। 🕉️ भगवान विष्णु ने कहा — “मैंने यही सत्य कुरुक्षेत्र में भी कहा था…” 📖 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। अर्जुन का भाग्य युद्ध था, पर विजय कर्म से मिली। यदि अर्जुन भाग्य के भरोसे बैठ जाता — तो गीता जन्म ही न लेती। 🌺 भगवान विष्णु कहते हैं — “जो हो गया, वह भाग्य था जो कर रहे हो, वह कर्म है और जो होगा — वह तुम्हारे आज के कर्म से बनेगा।” गरीबी, बीमारी, संघर्ष — ये दंड नहीं… ये आत्मा की शिक्षा हैं। 🔔 नारायण बोले — “मुझे दोष मत दो अपने कर्म को देखो। भाग्य तुम्हारा अतीत है कर्म तुम्हारा वर्तमान है और भविष्य — तुम्हारे हाथों में है।” 🕉️ जो मुझे मानता ह और कर्म करता है — मैं उसका मार्ग स्वयं बनाता हूँ। 🌸 अगर यह कथा आपके मन को छू गई हो — तो समझ लीजिए भगवान विष्णु ने आपको उत्तर दे दिया है। 🙏 नारायण… नारायण… 🔍 SEO Title (YouTube) कर्म और भाग्य क्या है? | भगवान विष्णु 🏷️ #BhagwanVishnu #KarmAurBhagya #SanatanKatha #VishnuPuran #SpiritualStoryHindi #GeetaGyaan #KarmaPhal #BhaktiKatha #SanatanVoice